वुडब्रिज, ओंटारियो: कनाडा में उग्रवाद के ख़िलाफ़ एकजुटता का आह्वान — राष्ट्रीय सुरक्षा सम्मेलन में विदेशी हस्तक्षेप और खालिस्तानी आतंकवाद पर मंथन

कनाडा से खालिस्तान का सफाया तय : वुडब्रिज सम्मेलन से उग्रवाद के ख़िलाफ़ एकजुट हुयी आवाज़
29 जून 2025, वुडब्रिज (ओंटारियो), कनाडा : कनाडा में उग्रवादी विचारधाराओं और अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद
के बढ़ते ख़तरों के खिलाफ जागरूकता और साझा रणनीति के उद्देश्य से, कनाडा इंडिया फाउंडेशन (CIF) और TAFSIK (The Alliance to Fight Secessionism and International Khalistani
Terrorism) के संयुक्त
तत्वावधान में एक दिवसीय राष्ट्रीय सुरक्षा
सम्मेलन का आयोजन किया
गया। इस वर्ष सम्मेलन का केंद्रीय विषय था “उग्रवाद के विरुद्ध एकजुटता” (United Against Extremism)।
इस ऐतिहासिक आयोजन
में कनाडा भर से अनेक प्रमुख विचारक, पूर्व खुफिया अधिकारी, सुरक्षा विशेषज्ञ, पत्रकार, प्रवासी भारतीय
नेता और नीति निर्माता उपस्थित हुए। सभी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि उग्रवादी
संगठनों और विदेशी हस्तक्षेप के ख़िलाफ अब कनाडा को निर्णायक रुख अपनाना होगा, वरना यह देश की आंतरिक सुरक्षा और सामाजिक सौहार्द के लिए
विनाशकारी साबित हो सकता है।
मुख्य बिंदु:
🔹 खालिस्तानी
आतंकवाद पर तीव्र आक्रोश सम्मेलन में विशेष
रूप से कनाडा में सक्रिय खालिस्तानी तत्वों के प्रति कड़ी नाराज़गी व्यक्त की गई।
वक्ताओं ने कहा कि ये तत्व विदेशी ताकतों के इशारों पर भारत के विरुद्ध एजेंडा चला
रहे हैं और कनाडा की धरती का दुरुपयोग कर रहे हैं।
अब यह तय हो चुका
है कि खालिस्तान का सपना देखने वाले तत्वों को कनाडा की ज़मीन से बोरिया-बिस्तर
समेटना ही पड़ेगा। कनाडा की सरकार और जनता अब इस मानसिकता को और अधिक बर्दाश्त
नहीं करेगी।
🔹 विदेशी हस्तक्षेप
और विचारधारा की घुसपैठ कई वक्ताओं ने
चिंता जताई कि कैसे कुछ देशों द्वारा वित्तपोषित एजेंसियां कनाडा के भीतर उग्रवाद
को बढ़ावा दे रही हैं। इनके ज़रिए भारतीय समुदाय को भ्रमित करने, युवाओं को कट्टरता की ओर मोड़ने और
सामाजिक ताने-बाने को तोड़ने की कोशिश की जा रही है।
🔹 “कनाडा की मिट्टी
पर देश-विरोधी ताकतों की कोई जगह नहीं” यह उद्घोष सम्मेलन
के हर वक्ता की भावना में दिखा। सभी ने एकमत से कहा कि कनाडा में बैठे हुए
खालिस्तानी उग्रवादियों की मंशा कभी पूरी नहीं होगी। न तो वे भारत को तोड़ पाएंगे, और न ही कनाडा में स्थिरता को डगमगा
पाएंगे।
CIF और TAFSIK की निर्णायक भूमिका
कनाडा इंडिया
फाउंडेशन (CIF) ने वर्षों से भारत-कनाडा संबंधों को मजबूत करने के साथ-साथ
प्रवासी भारतीयों के हितों के संरक्षण में अहम भूमिका निभाई है। वहीं, TAFSIK एक समर्पित संगठन है जो दुनिया भर में
फैलते खालिस्तानी उग्रवाद और अलगाववाद के विरुद्ध जागरूकता फैलाने और राजनीतिक कदम
उठवाने का अभियान चला रहा है।
इस सम्मेलन के
ज़रिए इन दोनों संगठनों ने कनाडा सरकार, सुरक्षा एजेंसियों और आम नागरिकों को यह साफ संदेश दिया कि
अब समय आ गया है जब खालिस्तानी
विचारधारा का अंतिम सफाया किया जाए।
सम्मेलन का संदेश: अब और नहीं
सम्मेलन के अंत
में यह स्पष्ट रूप से कहा गया कि:
"अब खालिस्तान की
बातें केवल नापाक इरादों की बकवास रह गई हैं। कनाडा में बैठे ऐसे तत्वों को जल्द
ही अपना बोरिया-बिस्तर समेटना होगा।"
"कनाडा की ज़मीन
शांति, लोकतंत्र और
बहुलता की है इसे किसी भी
धार्मिक कट्टरता या अलगाववादी सोच से गंदा नहीं होने दिया जाएगा।"
एक नए युग की
शुरुआत
इस सम्मेलन ने
कनाडा की राजनीति और समाज में एक स्पष्ट बदलाव का संकेत दिया अब न तो खालिस्तानी मानसिकता को सहन किया
जाएगा और न ही देश-विरोधी गतिविधियों को लोकतंत्र की आड़ में छिपने दिया जाएगा।





