मुख्य सामग्री पर जाएँ
ब्रेकिंग
Rajasthan Panchayat Election 2026: पंचायत चुनाव का ऐलान, 4 चरणों में होगी वोटिंग, जानिए पूरा शेड्यूलमुंबई में CJP का प्रदर्शन पड़ा भारी! जेल भरो आंदोलन पर FIR, आयोजकों में हड़कंपज्ञानेश कुमार पर चले लोकतंत्र की हत्या का मुकदमा! प्रमोद तिवारी का बड़ा हमलाBJP का झंडा उतारने वाले संजयन त्रिपाठी अब साइकिल पर सवार, समाजवादी पार्टी में हुए शामिलCM Yogi का बड़ा तोहफा: 4.60 लाख छात्रों के खाते में आई छात्रवृत्ति, आपके खाते में आई क्या? चेक करेंNoida: सुपरनोवा की 43वीं मंजिल से युवक ने लगाई छलांग, मौके पर दर्दनाक मौत, सोसाइटी में हड़कंपमुंबई प्रदर्शन के बाद CJP का दिल्ली कूच का ऐलान, अभिजीत दिपके ने कही ये बड़ी बातगठबंधन में फूट! रायबरेली से डरते थे राहुल गांधी! सपा नेता का बड़ा खुलासा, अखिलेश ने दी थी धमकी

सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 5:25 · नई दिल्ली संस्करण

सुप्रीम कोर्ट का अहम फैसला: झारखंड में 26 हजार सहायक शिक्षकों की नियुक्ति परीक्षा का रिजल्ट बगैर कोर्ट की अनुमति के नहीं करें प्रकाशित

राष्ट्रीय सागर डेस्क1 मिनट का पठन
सुप्रीम कोर्ट का अहम फैसला: झारखंड  में 26 हजार सहायक शिक्षकों की नियुक्ति परीक्षा का  रिजल्ट  बगैर कोर्ट की अनुमति के  नहीं करें प्रकाशित

सुप्रीम कोर्ट का अहम फैसला: झारखंड में 26 हजार सहायक शिक्षकों की नियुक्ति परीक्षा का रिजल्ट बगैर कोर्ट की अनुमति के नहीं करें प्रकाशित

नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को झारखंड में 26 हजार सहायक आचार्यों (सहायक शिक्षकों) की नियुक्ति परीक्षा को लेकर अहम आदेश पारित किया है। जस्टिस जेके माहेश्वरी और जस्टिस संजय करोल की खंडपीठ ने झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा (टेट) उत्तीर्ण अभ्यर्थियों परिमल कुमार एवं अन्य की याचिका पर सुनवाई करते हुए झारखंड सरकार और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) को आदेश दिया है कि सुप्रीम कोर्ट की अनुमति के बिना नियुक्ति परीक्षा का रिजल्ट नहीं प्रकाशित करें। आपको बता दें कि सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका में झारखंड हाईकोर्ट के उस फैसले को चुनौती दी गई है, जिसमें दूसरे राज्यों की टेट (टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट) परीक्षा या सीटेट (सेंट्रल टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट) परीक्षा पास अभ्यर्थियों को भी इस नियुक्ति परीक्षा में शामिल होने की अनुमति दी गई है. हाईकोर्ट ने यह फैसला दिसंबर, 2023 में झारखंड सीटेट उत्तीर्ण अभ्यर्थी संघ की याचिका पर सुनवाई के बाद सुनाया था। वरीय अधिवक्ता गोपाल शंकर नारायण और अधिवक्ता अमृतांश वत्स ने पक्ष रखते हुए कहा कि झारखंड टीचर्स एलिजिबिलिटी टेस्ट (जेटेट) उत्तीर्ण अभ्यर्थियों को राज्य की क्षेत्रीय भाषाओं संथाली, खोरठा, नागपुरी आदि का ज्ञान है, क्योंकि, उन्होंने इन पत्रों की परीक्षा पास की है। वही दूसरी तरफ सीटेट अभ्यर्थियों के पास ऐसी क्षेत्रीय भाषाओं का ज्ञान नहीं है।उनकी नियुक्ति जब झारखंड के प्राइमरी स्कूलों में होगी तो उन्हें राज्य की क्षेत्रीय भाषा में बच्चों को शिक्षा देने में परेशानी होगी और इसके साथ ही यह राइट टू एजुकेशन के प्रावधानों का उल्लंघन होगा

यह ख़बर दूसरों तक पहुँचाएँ

WhatsAppFacebookX

संबंधित ख़बरें