2025 तक झारखंड को एक ताकतवर राज्य बनाएंगे : मुख्यमंत्री

रांची/धनबाद,
22 दिसंबर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि झारखंड कोई पिछड़ा
और गरीब राज्य नहीं है लेकिन पिछले 20 वर्षों के दौरान इसे पिछड़ा रहने के
लिए छोड़ दिया गया। किसी ने राज्य को विकास के रास्ते पर आगे ले जाने की
प्रतिबद्धता नहीं दिखाई। हमारी सरकार इस राज्य को गरीबी और पिछड़ापन के टैग
से निजात दिलाने की दिशा में आगे बढ़ रही है। वर्ष 2025 में झारखंड 25
वर्ष का युवा हो जाएगा।
मुख्यमंत्री शुक्रवार को धनबाद जिले के
बलियापुर प्रखंड स्थित मोदी टोला ग्राम में आयोजित आपकी योजना- आपकी
सरकार-आपके द्वार कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि यह
आदिवासियों-मूलवासियों और झारखंड वासियों की सरकार है। यह सरकार
रांची-दिल्ली से नहीं, बल्कि गांव-देहात और मोहल्ला-टोला से चल रही है। हर
व्यक्ति के दरवाजे तक कल्याणकारी योजनाएं पहुंचाने का महाअभियान चल रहा है।
लोगों को पूरे मान-सम्मान के साथ उनका हक-अधिकार दे रहे हैं।
मुख्यमंत्री
ने कहा कि आपकी योजना-आपकी सरकार-आपके द्वार कार्यक्रम पहली बार वर्ष 2021
में आयोजित हुआ था। इस दौरान लगभग 30 लाख आवेदन मिले थे। वहीं, 2022 में
आयोजित दूसरी बार के इस कार्यक्रम में लगभग 50 लाख लोगों ने अपनी समस्याओं
को लेकर आवेदन शिविरों में दिया था। तीसरी बार यह कार्यक्रम इस वर्ष 24
नवंबर से चल रहा है। इन शिविरों में जिस तरह लोगों का उत्साह देखने को मिल
रहा है उससे साफ जाहिर होता है कि लोगों को सरकार से काफी उम्मीदें हैं।
उन्होंने
कहा कि अलग राज्य बनने के दो दशकों तक लोगों की समस्याओं का समाधान सही
तरीके से नहीं हो सका था लेकिन हमारी सरकार लोगों के घर और दरवाजे तक पहुंच
कर उनकी समस्याओं का समाधान कर रही है। यह सिलसिला हर वर्ष जारी रहेगा और
इस दौरान कई नई योजनाएं भी लेकर सरकार आपके बीच आएगी। हमारी कोशिश है कि
सरकार की योजनाओं से जुड़कर हर घर-परिवार खुशहाल और समृद्ध बने।
मुख्यमंत्री
ने कहा कि 10वीं 11वीं और 12वीं के सभी विद्यार्थियों को गुरुजी क्रेडिट
कार्ड योजना दिया जाएगा। इस योजना की खासियत है कि आपको डिग्री मिलने तक
इस योजना के तहत मिले शिक्षा ऋण को वापस करने की जरूरत नहीं है। जब आपको
नौकरी लगेगी तभी आप किश्त में ऋण चुकाएं। इस योजना को लॉन्च करने का मकसद
है कि कोई भी विद्यार्थी आर्थिक कठिनाई की वजह से अपनी पढ़ाई को ना छोड़े
और अपने भविष्य को संवारने का काम करें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी
लाइब्रेरी और विद्यालयों में विद्यार्थियों को सरकार की कल्याणकारी योजनाओं
से संबंधित पुस्तिका दी जाएगी। इससे यह फायदा होगा कि लोग जानकारी के अभाव
में योजनाओं से वंचित नहीं रहेंगे और अपनी जरूरत की योजना से जुड़ सकेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले 20 वर्षों में मात्र 16 लाख लोगों को पेंशन
योजना से जोड़ा गया था जबकि हमारी सरकार महज 4 साल में 36 लाख से ज्यादा
बुजुर्गों, विधवाओं और दिव्यांगों को यूनिवर्सल पेंशन स्कीम के माध्यम से
पेंशन दे रही है।
उन्होंने यह भी कहा कि हमारे पूर्व की सरकारों
में लगभग 11 लाख राशन कार्ड अमान्य कर दिए गए थे जबकि हमारी सरकार ने 20
लाख से ज्यादा हरा राशन कार्ड जारी कर गरीबों को मुफ्त अनाज दे रही है।
हमने अबुआ आवास योजना शुरू किया है। इस योजना के माध्यम से 8 लाख गरीबों को
तीन कमरे का पक्का मकान दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ग्राम गाड़ी योजना के तहत
गांव को शहरों को जोड़ा जाएगा। बुजुर्ग, झारखंड आंदोलनकारी, महिला,
दिव्यांग तथा विद्यार्थी निःशुल्क परिवहन सेवा का लाभ ले सकेंगे। ऐसी कई और
योजनाएं हैं, जिनके द्वारा हम समाज के हर वर्ग और तबके को मजबूत और सशक्त
बनाने का प्रयास कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के कुछ
जिले ऐसे हैं जहां बिजली के लिए डीवीसी से हमें बिजली खरीदनी पड़ती है।
इसमें अक्सर डीवीसी की मनमानी की बात सामने आती है लेकिन हमारी सरकार बहुत
जल्द अपने बलबूते पूरे राज्य में निर्बाध बिजली आपूर्ति करेगी। इसके लिए
ट्रांसमिशन लाइन और ग्रिड तथा सब स्टेशन बनाने का काम बहुत तेजी से चल रहा
है।
मुख्यमंत्री ने कई विकास योजनाओं का दिया तोहफा
मुख्यमंत्री
ने इस अवसर पर 531 करोड़ 7 लाख 35 हजार 565 रुपये की 206 योजनाओं का
उद्घाटन- शिलान्यास किया। इसमें 122 करोड़ 68 लाख 6 हजार 264 रुपये की 135
योजनाओं की नींव रखी गई जबकि 408 करोड़ 39 लाख 29 हजार 301 रुपये की 71
योजनाओं का उद्घाटन संपन्न हुआ। साथ ही विभिन्न योजनाओं के 3 लाख 76 हजार
497 लाभुकों के बीच 418 करोड़ 21 लाख 55 हजार 242 रुपये की परिसंपत्तियों
बांटी गईं।





