मुख्य सामग्री पर जाएँ
ब्रेकिंग
Rajasthan Panchayat Election 2026: पंचायत चुनाव का ऐलान, 4 चरणों में होगी वोटिंग, जानिए पूरा शेड्यूलमुंबई में CJP का प्रदर्शन पड़ा भारी! जेल भरो आंदोलन पर FIR, आयोजकों में हड़कंपज्ञानेश कुमार पर चले लोकतंत्र की हत्या का मुकदमा! प्रमोद तिवारी का बड़ा हमलाBJP का झंडा उतारने वाले संजयन त्रिपाठी अब साइकिल पर सवार, समाजवादी पार्टी में हुए शामिलCM Yogi का बड़ा तोहफा: 4.60 लाख छात्रों के खाते में आई छात्रवृत्ति, आपके खाते में आई क्या? चेक करेंNoida: सुपरनोवा की 43वीं मंजिल से युवक ने लगाई छलांग, मौके पर दर्दनाक मौत, सोसाइटी में हड़कंपमुंबई प्रदर्शन के बाद CJP का दिल्ली कूच का ऐलान, अभिजीत दिपके ने कही ये बड़ी बातगठबंधन में फूट! रायबरेली से डरते थे राहुल गांधी! सपा नेता का बड़ा खुलासा, अखिलेश ने दी थी धमकी

सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 4:22 · नई दिल्ली संस्करण

आमाबेड़ा हिंसा और कथित धर्म परिवर्तन के विरोध में छत्तीसगढ़ बंद, जांजगीर चांपा में दिखा व्यापक असर

राष्ट्रीय सागर डेस्क1 मिनट का पठन
आमाबेड़ा हिंसा और कथित धर्म परिवर्तन के विरोध में छत्तीसगढ़ बंद, जांजगीर चांपा में दिखा व्यापक असर

कोरबा/जांजगीर चांपा। कांकेर जिले के आमाबेड़ा क्षेत्र में हुई हिंसा और कथित धर्म परिवर्तन की घटनाओं के विरोध में सामाजिक संगठनों द्वारा आज बुधवार काे छत्तीसगढ़ बंद का आह्वान किया गया। इस बंद का असर प्रदेश के कई जिलों में देखने को मिला। राजधानी रायपुर सहित दुर्ग, बिलासपुर और रायगढ़ में बंद का व्यापक प्रभाव रहा, जहां कई स्थानों पर दुकानें और व्यावसायिक प्रतिष्ठान बंद रहे तथा सड़कों पर सन्नाटा पसरा नजर आया।जांजगीर-चांपा जिले के जिला मुख्यालय जांजगीर में सर्व समाज के आह्वान पर नगर बंद किया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में सर्व समाज के लोग एकजुट होकर बंद में शामिल हुए और शांतिपूर्ण तरीके से नैला-जांजगीर नगर बंद का समर्थन किया। बंद के दौरान किसी प्रकार की अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली और पूरा आंदोलन शांतिपूर्ण रहा।सर्व समाज के इस बंद को जांजगीर-नैला नगर के व्यापारी वर्ग का भी समर्थन मिला। व्यापारियों ने स्वेच्छा से अपनी दुकानों और प्रतिष्ठानों को बंद रखा, जिससे बाजार पूरी तरह से बंद नजर आए। सामाजिक संगठनों और सर्व समाज के प्रतिनिधियों ने आमाबेड़ा की घटना को गंभीर बताते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।बंद के दौरान प्रशासन और पुलिस बल पूरी तरह सतर्क नजर आया। संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे। सामाजिक संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई, तो आगे और बड़े आंदोलन किए जा सकते हैं।

यह ख़बर दूसरों तक पहुँचाएँ

WhatsAppFacebookX

संबंधित ख़बरें