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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 6:26 · नई दिल्ली संस्करण

क्यों कहा प्रधानमंत्री ने—पहले अनुमति लगती थी, आज खेल गूंजता है ? यही है नया बस्तर

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
क्यों कहा प्रधानमंत्री ने—पहले अनुमति लगती थी, आज खेल गूंजता है ? यही है नया बस्तर

बस्तर ओलंपिक 2025-PM मोदी ने की सराहना

साल 2024 में शुरू हुआ बस्तर ओलंपिक अब अपने दूसरे वर्ष में और भी बड़े रूप में सामने आया है। 25 अक्टूबर 2025 से बस्तर संभाग के सभी 32 विकासखंडों में इसका आयोजन शुरू हो चुका है। बस्तर में इस बार खिलाड़ियों की संख्या में रिकॉर्ड बढ़ोतरी दर्ज की गई है—पिछले वर्ष के 1.65 लाख की तुलना में इस बार 3,91,297 खिलाड़ी पंजीकृत हुए हैं, जिनमें 2.27 लाख से अधिक महिला खिलाड़ी शामिल हैं। यह बढ़ती संख्या बताती है कि बस्तर अब खेल, उत्साह और अवसरों का नया केंद्र बन गया है।

इस ओलंपिक की सबसे अनोखी विशेषता यह है कि इसमें सरेंडर कर चुके नक्सली भी “युवा बाट” नाम से भाग ले रहे हैं। वे अब हथियार नहीं, बल्कि खेल के मैदान में अपनी प्रतिभा, गति और नए जीवन की शुरुआत दिखा रहे हैं। उनके साथ नक्सल हिंसा से प्रभावित दिव्यांग खिलाड़ी भी शामिल हैं, जिससे यह आयोजन सिर्फ खेल नहीं, बल्कि बस्तर में समरसता और सामाजिक बदलाव की कहानी बन चुका है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कल ही इंडियन एक्सप्रेस के एक प्रतिष्ठित कार्यक्रम में बस्तर ओलंपिक का जिक्र करते हुए कहा कि एक समय था जब पत्रकारों को भी बस्तर जाने से पहले कई अनुमति लेनी पड़ती थी। आज वही बस्तर खेलों के माध्यम से देश का ध्यान आकर्षित कर रहा है—यह बदलाव बस्तर की नई सोच का प्रमाण है।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि बस्तर ओलंपिक केवल खेल का मंच नहीं है, बल्कि युवाओं को मुख्यधारा में जोड़ने का मार्ग है। उन्होंने कहा कि बस्तर के युवाओं ने खेल में जो ऊर्जा दिखाई है, वह यह बताती है कि यह क्षेत्र अब शांति, विकास और सकारात्मक बदलाव की राह पर तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। सरेंडर नक्सलियों का खेलों में उतरना यह संदेश देता है कि बस्तर अब अतीत की हिंसा से बाहर निकल रहा है। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि यह आयोजन अब बस्तर की सामाजिक चेतना, गर्व और नई पहचान का उत्सव बन चुका है।

इस बार बस्तर ओलंपिक तीन चरणों में हो रहा है—

25 अक्टूबर से 5 नवंबर तक ब्लॉक स्तर,

6 से 15 नवंबर तक जिला स्तर,

और 24 से 30 नवंबर तक संभाग स्तर,

जिसमें बस्तर, कांकेर, कोंडागांव, बीजापुर, दंतेवाड़ा, सुकमा और नारायणपुर के खिलाड़ी हिस्सा लेंगे। कुल 11 खेल—तीरंदाजी, कबड्डी, फुटबॉल, हॉकी, बैडमिंटन, खो-खो, वॉलीबॉल, कराटे, एथलेटिक्स, वेटलिफ्टिंग और रस्साकशी—इस आयोजन का हिस्सा हैं।

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