रांची लोकसभा सीट पर कौन मारेगा बाजी,रामटहल या सुबोधकांत सहाय

रांची लोकसभा सीट पर कौन मारेगा बाजी,रामटहल या सुबोधकांत सहाय
रांची: लोकसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस पार्टी में टिकट के लिए काफी होड़ है। ऐसे में भाजपा के पूर्व सांसद रामटहल चौधरी ने कांग्रेस में शामिल होकर राजनीतिक हवा का रुख बदल दिया है। अगर कांग्रेस रामटहल चौधरी को रांची लोकसभा सीट से टिकट देती है तो सवाल उठता है कि आखिर सुबोधकांत सहाय का क्या होगा। 27 मार्च को दिल्ली में घोषित उम्मीदवारों की सूची में सुबोधकांत सहाय का नाम नहीं होना थोड़ा आश्चर्य वाली बात जरूर है। 28 मार्च को दिल्ली में रांची से कई बार भाजपा के सांसद रहे कद्दावर ओबीसी नेता रामटहल चौधरी कांग्रेस में शामिल हो गए। ऐसे में ये कयास लगाए जा रहे हैं कि क्या रामटहल चौधरी की वजह से सुबोधकांत सहाय का लोकसभा टिकट होल्ड पर रख दिया गया है।सुबोधकांत सहाय की गिनती राज्य के कद्दावर राजनीतिज्ञों में होती है। 1989 में रांची से लोकसभा चुनाव जीतने वाले सुबोधकांत सहाय 2004 और 2009 में भी जीत दर्ज की थी। केंद्र में तत्कालीन मनमोहन सिंह की नेतृत्व वाली सरकार में केंद्रीय पर्यटन मंत्री और अन्य मंत्रालयों की जिम्मेदारी संभाली। इधर पूर्व सांसद रामटहल चौधरी की गिनती झारखंड के कद्दावर ओबीसी भाजपा नेता के रूप में होती रही है। वे कई बार विधायक और सांसद भी रह चुके हैं. 2019 लोकसभा चुनाव में भाजपा द्वारा टिकट काटने से नाराज रामटहल चौधरी निर्दलीय चुनावी मैदान में उतरे थे। उस चुनाव में उन्हें 29 हजार 500 के करीब वोट मिले थे। अब देखना होगा कि जब रांची लोकसभा सीट से कांग्रेस अपने उम्मीदवार के नाम की घोषणा करती है तो उसमें रामटहल बाजी मारते हैं या पार्टी सुबोधकांत पर ही भरोसा जताती है।





