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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 4:48 · नई दिल्ली संस्करण

8वें वेतन आयोग में Fitment Factor की खूब चर्चा, 2.10 या 3.83 - कितना मिलेगा फायदा?

राष्ट्रीय सागर डेस्क3 मिनट का पठन
8वें वेतन आयोग में Fitment Factor की खूब चर्चा, 2.10 या 3.83 - कितना मिलेगा फायदा?

केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स के बीच इन दिनों एक ही सवाल सबसे ज्यादा पूछा जा रहा है - इस बार सैलरी कितनी बढ़ेगी? और इस सवाल का जवाब एक ही शब्द में छुपा है - फिटमेंट फैक्टर। 8वां वेतन आयोग बनने के बाद यही वो नंबर है जो तय करेगा कि आपकी जेब में कितना पैसा आएगा। आसान भाषा में कहें तो फिटमेंट फैक्टर एक मल्टीप्लायर यानी गुणा करने वाला अंक है। जब भी नया वेतन आयोग लागू होता है तो पुरानी बेसिक सैलरी को इसी फैक्टर से गुणा करके नई बेसिक सैलरी बनाई जाती है।

इसका फॉर्मूला बहुत सिंपल है: नई बेसिक सैलरी = पुरानी बेसिक सैलरी X फिटमेंट फैक्टरये सिर्फ एक नंबर नहीं है। इसके अंदर महंगाई दर (Inflation), महंगाई भत्ता (DA), कर्मचारियों की घटती क्रय शक्ति, 15वें ILC के अनुसार मिनिमम वेज का सिद्धांत और सरकार की जेब पर पड़ने वाला बोझ, सब कुछ कैलकुलेट किया जाता है।इसका सबसे बड़ा फायदा ये है कि फिटमेंट फैक्टर बढ़ते ही सिर्फ बेसिक नहीं, बल्कि DA, HRA, TA और NPS/Pension सब कुछ ऑटोमैटिक बढ़ जाता है।

हर वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर बदला है: 5वां वेतन आयोग 1.86, 6वां वेतन आयोग: 1.86 + ग्रेड पे सिस्टम, 7वां वेतन आयोग: 2.57 - उस समय 125% DA को बेसिक में मर्ज करके 14.22% की वास्तविक बढ़ोतरी देकर ये तय हुआ था। इसी से 7000 रुपये वाली मिनिमम सैलरी सीधे 18,000 रुपये हो गई थी। 8वें वेतन आयोग के लिए सरकार ने जनवरी 2025 में गठन की मंजूरी दी थी और इसका ToR अक्टूबर 2025 में पास हुआ है। आयोग को 18 महीने में रिपोर्ट देनी है, मतलब 2026 के अंत तक। लागू होने की उम्मीद 1 जनवरी 2026 से ही मानी जा रही है, एरियर के साथ।अभी तक सरकार ने कोई आधिकारिक नंबर नहीं दिया है, लेकिन 3 तरह की चर्चाएं तेज हैं।

कई रिपोर्ट्स के मुताबिक वित्त मंत्रालय 60-62% DA मर्जर और थोड़ी सी वास्तविक बढ़ोतरी के साथ 1.92 से 2.08 के बीच रख सकता है। इससे मिनिमम बेसिक 18,000 से बढ़कर करीब 34,560 से 38,000 रुपये होगी। ज्यादातर अर्थशास्त्री मान रहे हैं कि कम से कम पुराना वाला 2.57 तो बना रहेगा। कुछ रिपोर्ट्स में 2.86 की भी चर्चा है। अगर 2.86 हुआ तो मिनिमम बेसिक 51,480 रुपये हो जाएगी। कर्मचारी संगठन महंगाई को देखते हुए ज्यादा मांग रहे हैं। NC-JCM ने 3.83, भारतीय प्रतिरक्षा मजदूर संघ (BPMS) ने 3.61 और कुछ यूनियनों ने 4.0 तक फिटमेंट फैक्टर मांगा है। 3.83 पर मिनिमम बेसिक 68,940 रुपये हो जाएगी।

मान लीजिए 2.86 फिटमेंट फैक्टर फाइनल होता है तो हिसाब देखिए: लेवल-1 (प्यून/ग्रुप C): 18,000 X 2.86 = 51,480 रुपये, लेवल-4 (LDC/Jr. Assistant): 25,500 X 2.86 = 72,930 रुपये, लेवल-6 (इंस्पेक्टर/टीचर): 35,400 X 2.86 = 1,01,244 रुपये, लेवल-10 (ग्रुप B अफसर): 56,100 X 2.86 = 1,60,446 रुपये। और अगर 1.92 हुआ तो लेवल-1 की बेसिक सिर्फ 34,560 रुपये ही होगी। इसी अंतर की वजह से फिटमेंट फैक्टर की चर्चा इतनी तेज है।नया आयोग लागू होते ही DA जीरो हो जाएगा और नई बेसिक पर फिर से महंगाई भत्ता जुड़ना शुरू होगा। इसलिए 8वें वेतन आयोग में DA मर्जर + फिटमेंट फैक्टर का यही कॉम्बिनेशन तय करेगा कि 50 लाख कर्मचारियों और 65 लाख पेंशनर्स की दिवाली कितनी बड़ी होगी।

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