आजीविका मूलक प्रशिक्षण प्रदान कर महिलाओं को जिंदगी बदल रही है विजयलक्ष्मी कल्याण समिति
रायगढ़,। शहर के स्थानीय रामभाठा हथकरघा केंद्र परिसर में
विजयलक्ष्मी समाज कल्याण समिति द्वारा विगत 22 वर्षों से महिला स्वावलंबन
शिक्षा व स्वास्थ्य हेतु निरंतर विभिन्न योजनाओं का संचालन किया जा रहा है।
विभिन्न प्रकार के जागरुकता कैंप भी समय-समय पर आयोजित किए जाते हैं तथा
विभिन्न स्कूलों में भी बच्चों के लिए न्योता भोज का कार्यक्रम किया जाता
है। वर्तमान में विजयलक्ष्मी समाज कल्याण समिति द्वारा ग्राम कोतरलिया तथा
ग्राम टारपाली में लगभग 100 महिलाओं को सिलाई, मिलेट्स प्रोडक्ट तथा बेकरी
आइटम बनाने में पारंगत किया जा चुका है। इसके साथ ही महिलाओं को नाबार्ड के
तहत स्कॉलरशिप राशि भी दी जा चुकी है। वर्तमान में भी रामभाटा स्थित युवा
रोजगार केंद्र में केक, बिस्कुट, पेस्ट्री वगैरा निर्माण सिखाया जा रहा है
तथा इसके साथ ही अगरबत्ती बनाने का प्रशिक्षण भी महिलाएं प्राप्त कर रही
हैं ।
उल्लेखनीय है कि बिल्कुल बाजार के जैसा ही स्वादिष्ट और
आकर्षण केक बिना किसी ओवन व अन्य किसी मशीन के गैस चूल्हा और कढ़ाई में ही
बनाना सिखाया जा रहा है। इसी प्रकार अगरबत्ती में भी मैन्युअल अगरबत्ती
बनाना सिखाया जा रहा है ताकि महिलाएं प्रारंभ में मशीन की खरीदारी में तथा
खर्च को लेकर परेशान ना हो और इसी प्रकार ग्रामीण क्षेत्र में बिजली के
रहने या ना रहने पर भी हाथ से उनका काम सुचारू रूप से चलता रहे। महिलाएं
आसानी से एक दिन में हाथ से ही 300 से 500 अगरबत्ती बना ले रही हैं तथा
डेढ़ सौ रुपए की लागत से लगभग 1000 अगरबत्ती निर्माण करने में सक्षम हो गई
हैं। युवा स्वरोजगार केंद्र विगत कई वर्षों से रायगढ़, रायपुर, महासमुंद,
बिलासपुर सारंगढ़ तथा जांजगीर क्षेत्र में अपनी सेवाएं दे रहा है। उक्त सभी
जिलों में विशाल संख्या में महिला समूहों को जोड़कर सभी महिलाओं के
स्वालंबन के लिए प्रयास रत है। प्रशिक्षण प्राप्त कर रही महिलाएं प्रशिक्षण
से अत्यंत प्रसन्न हैं ।
विजयलक्ष्मी समाज कल्याण समिति की
संचालिका माया दत्ता ने बताया कि जरूरी नहीं हर महिला कार्य से जुड़कर पैसे
कमाए। अगर कोई महिला सीखने के पश्चात स्वयं के उपयोग के लिए भी उक्त
प्रोडक्ट का निर्माण करती है तथा उसका उपयोग करती है तो भी वह एक प्रकार से
पैसे की बचत कर रही होती है। उन्होंने कहा कि हमारा उद्देश्य महिलाओं को
आज व आनेवाले कल के लिए हुनर प्रदान करना तथा उनमें आत्मविश्वास व नेतृत्व
क्षमता का विकास करना है। इसके लिए उन्होंने विजयलक्ष्मी से जुड़ी हुई सभी
महिलाओं को धन्यवाद दिया है तथा एनजीओ के सभी स्टाफ राजेश पटेल, दीपेश
साहू, प्रीति, जूली और मुन्नी टांडी को सेवाभाव से काम करने तथा प्रत्येक
चैलेंज को शांति व समझदारी से हैंडल करने के लिए धन्यवाद दिया है।





