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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · रात 2:48 · नई दिल्ली संस्करण

उत्तर प्रदेश में रियल टाइम मॉनिटरिंग और जवाबदेही का राष्ट्रीय मानक स्थापित कर रहा डिजिटल सिस्टम

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
उत्तर प्रदेश में रियल टाइम मॉनिटरिंग और जवाबदेही का राष्ट्रीय मानक स्थापित कर रहा डिजिटल सिस्टम

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में डिजिटल सुशासन की दिशा में उठाए गए निर्णायक कदमों के परिणामस्वरूप राज्य का अभिनव ‘सीएम डैशबोर्ड’ आज त्वरित निर्णय, पारदर्शिता और उत्तरदायित्व का मजबूत आधार स्तंभ बन चुका है। स्वयं मुख्यमंत्री इस मंच के जरिए प्रमुख परियोजनाओं की रियल टाइम मॉनिटरिंग करते हैं, जिससे विकास कार्यों में तेजी, गुणवत्ता और जवाबदेही में अभूतपूर्व सुधार दर्ज हुआ है।

यह अत्याधुनिक डैशबोर्ड डेटा इंटीग्रेशन, परफॉर्मेंस मॉनिटरिंग, विजुअलाइजेशन, रियल टाइम अपडेट, जिलेवार विश्लेषण और नागरिक सहभागिता जैसी उन्नत तकनीकों से लैस है। जटिल सूचनाओं को सरल व दृश्य रूप में प्रस्तुत कर यह प्रणाली जिलों में कार्य संस्कृति, प्रशासनिक दक्षता और लक्ष्य आधारित शासन को मजबूत करती है।

सीएम योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में सीएम डैशबोर्ड उत्तर प्रदेश के प्रशासन को वैज्ञानिक, परिणामोन्मुख और पारदर्शी बनाते हुए देशभर के लिए एक नए सुशासन मॉडल के रूप में उभर रहा है।

सीएम डैशबोर्ड के माध्यम से 49 विभागों के 109 कार्यक्रमों की जिलों में मासिक समीक्षा की जाती है। यह प्रणाली विकास योजनाओं, कानून-व्यवस्था, राजस्व संचालन और अन्य महत्वपूर्ण क्षेत्रों में जिलों के प्रदर्शन का आकलन करती है। हर माह जारी होने वाली रैंकिंग न सिर्फ प्रशासन में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा पैदा करती है, बल्कि उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले जिलों को प्रोत्साहित भी किया जाता है।

कमजोर प्रदर्शन वाले जिलों को सुधार के लिए स्पष्ट निर्देश दिए जाते हैं।

डैशबोर्ड में स्वास्थ्य, शिक्षा, बुनियादी ढांचा, पेयजल, स्वच्छता, बिजली, ग्रामीण सड़कें और कल्याणकारी योजनाओं की पहुंच जैसे महत्वपूर्ण मापदंड शामिल हैं। इसका लक्ष्य केवल इंफ्रास्ट्रक्चर विकास करना नहीं, बल्कि किसानों, महिलाओं, युवाओं और वंचित समूहों के वास्तविक उत्थान को सुनिश्चित करना है। आईजीआरएस से एकीकृत होने के कारण यह मंच शिकायत निस्तारण की गुणवत्ता को भी सुनिश्चित करता है। अगर निस्तारण के बाद नागरिक असंतोष दर्ज कराते हैं तो अधिकारियों को तुरंत सुधारात्मक कार्रवाई के निर्देश दिए जाते हैं।

अधिकारियों ने बताया कि उत्तर प्रदेश का सीएम डैशबोर्ड और आईजीआरएस सिस्टम अब अन्य राज्यों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन चुका है।

बता दें कि दिल्ली सरकार ने अध्ययन और निरीक्षण के बाद योगी सरकार के इस मॉडल को अपनाने का निर्णय लिया है। दिल्ली के अधिकारियों ने इसे तकनीकी रूप से विकसित, प्रभावी और शिकायतों के त्वरित व गुणवत्तापूर्ण निस्तारण में अत्यंत उपयोगी बताया है।

साथ ही विकास कार्यों की मॉनिटरिंग और प्रशासनिक जवाबदेही बढ़ाने में भी इस मॉडल की विशेष सराहना की है। उत्तर प्रदेश का ‘सीएम डैशबोर्ड’ आज सुशासन का वह आधुनिक उपकरण बन चुका है जो प्रशासन को न सिर्फ डिजिटल, बल्कि अधिक पारदर्शी, संवेदनशील और परिणामोन्मुख बना रहा है।

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