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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · रात 2:34 · नई दिल्ली संस्करण

UP: "अखिलेश कुत्ते के गले में घंटी बांध दें...", MLC लाल बिहारी के बयान पर BJP बोली- 'लोकतंत्र का सबसे बड़ा..'

राष्ट्रीय सागर डेस्क3 मिनट का पठन
UP: "अखिलेश कुत्ते के गले में घंटी बांध दें...", MLC लाल बिहारी के बयान पर BJP बोली- 'लोकतंत्र का सबसे बड़ा..'

2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों के नज़दीक आते ही राज्य में राजनीतिक बयानबाज़ी तेज़ हो गई है। जहाँ राजनीतिक दल अपनी रणनीतियाँ बना रहे हैं, वहीं नेताओं की ज़बान से निकली विवादित बातें बड़े राजनीतिक विवादों को जन्म दे रही हैं। हाल ही में, समाजवादी पार्टी (SP) के MLC लाल बिहारी यादव ने एक जनसभा और शिक्षकों की बैठक को संबोधित करते हुए विवाद खड़ा कर दिया। कार्यकर्ताओं और समर्थकों से बात करते हुए लाल बिहारी यादव ने कहा, "अगर अखिलेश यादव किसी कुत्ते के गले में भी घंटी बांध दें, तो भी आपको उसी उम्मीदवार को वोट देना होगा।"

MLC की बातों से राज्य में तुरंत राजनीतिक तनाव बढ़ गया और लोकतांत्रिक मूल्यों व वोटरों की समझदारी के कथित अपमान पर तीखी प्रतिक्रियाएं हुईं। इस बयान को लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने SP पर कई मोर्चों से हमला बोला। वरिष्ठ BJP नेता आलोक अवस्थी ने तीखा तंज कसते हुए कहा, "जल्द ही SP दफ्तर के बाहर गले में पट्टा पहने कुत्ते खड़े दिखाई देंगे।"

अवस्थी ने इसे लोकतंत्र और उत्तर प्रदेश की जनता का अब तक का सबसे बड़ा अपमान बताया और कहा कि समाजवादी पार्टी वोटरों को सिर्फ़ एक वफ़लदार वोट बैंक मानती है, लेकिन जनता आने वाले चुनाव में अपने वोट के ज़रिए इसका माकूल जवाब देगी।जैसे-जैसे विवाद बढ़ा, समाजवादी पार्टी बैकफुट पर आ गई और मामले को संभालने के लिए कदम उठाए। SP नेता दीपक रंजन ने पार्टी को इस टिप्पणी से अलग करने की कोशिश की और साफ़ किया कि लोकतंत्र में असली ताकत जनता के पास होती है, जो हर नेता का हिसाब-किताब रखती है।

उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि किसने क्या कहा, इसकी ज़्यादा छानबीन करने के बजाय विकास के मुद्दों पर ध्यान दिया जाना चाहिए। उन्होंने इशारा किया कि यह टिप्पणी लाल बिहारी यादव की निजी राय हो सकती है, न कि पार्टी का आधिकारिक रुख। दिलचस्प बात यह है कि कांग्रेस पार्टी SP के बचाव में आगे आई। कांग्रेस प्रवक्ता सुरेंद्र राजपूत ने BJP को जवाब देते हुए कहा कि उसे दूसरे नेताओं के बयानों पर बेवजह बुरा मानने की आदत हो गई है। तंज कसते हुए राजपूत ने कहा कि जहाँ BJP के अपने नेता अंदरूनी कलह में उलझे हुए हैं, वहीं उन्हें विपक्ष के नेताओं के बयानों से हमेशा दिक्कत होती है।

शब्दों की इस जारी जंग के बीच, समाजवादी पार्टी ने 2027 के विधानसभा चुनावों के लिए अपनी ज़मीनी रणनीति तैयार कर ली है। SP प्रमुख अखिलेश यादव के कड़े निर्देशों के बाद, पार्टी ने पूरे राज्य में बूथ-स्तर पर एक व्यापक अभियान शुरू किया है। पार्टी कार्यकर्ता सीधे लोगों के घरों में जाकर वोटरों से जुड़ेंगे और बूथ मैनेजमेंट को मज़बूत करने, वोटर लिस्ट में सुधार करने और ज़मीनी स्तर पर PDA (पिछड़ा, दलित, आदिवासी/अल्पसंख्यक) रणनीति को लागू करने पर पूरा ध्यान देंगे। तीखे बयानों का दौर जारी रहने के बीच, सभी प्रमुख पार्टियां बूथ-स्तर पर अपनी मौजूदगी मज़बूत करने के लिए पूरी ताकत लगा रही हैं।

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