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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 4:22 · नई दिल्ली संस्करण

उप राष्ट्रपति ने कहा कि हमें भारतीय होने पर गर्व है

राष्ट्रीय सागर डेस्क3 मिनट का पठन
उप राष्ट्रपति ने कहा कि हमें भारतीय होने पर गर्व है

उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने आज राजस्थान की

16वीं विधानसभा के नवनिर्वाचित सदस्यों के लिए आयोजित एक दिवसीय प्रबोधन कार्यक्रम

को संबोधित करते हुए, विधान

सभा सदस्यों का आह्वाहन किया कि आज जब दुनिया भारत की सराहना कर रही है, हमें भारतीय होने पर गर्व होना चाहिए।

उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ स्वयं राजस्थान की 10वीं विधानसभा के सदस्य रहे। इस अवसर

पर उपराष्ट्रपति ने लोकतंत्र में विपक्ष के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा हुए

कहा कि विपक्ष संसदीय व्यवस्था की रीढ़ होता है जो समय समय पर सरकार की कमियों पर

ध्यान दिला कर, उसे

मार्ग पर लाता है। इस संदर्भ में उपराष्ट्रपति ने सदस्यों से संविधान सभा के

सदस्यों के आचरण का जिक्र करते हुए कहा कि संविधान सभा के लगभग 3 वर्ष के कार्यकाल

में ऐसा एक भी अवसर न था जब सदस्यों ने व्यवधान पैदा किया हो या तख्तियां दिखाई

हों। उन्होंने कहा कि विधानसभा सदस्यों का आचरण मर्यादित और अनुकरणीय होना चाहिए।

उपराष्ट्रपति ने कहा कि "व्यवधान करने की shelf life अखबार की कल की

सुर्खियां हो सकती है पर उनका प्रभाव ज्यादा दिन तक नहीं रहता है। सदन में व्यवधान

पैदा करके विपक्ष बहुत बड़ा अवसर खो देता है। जब सदन नहीं चलता है तो सबसे ज्यादा

प्रसन्नता सरकार को होती है क्योंकि- आप सरकार से प्रश्न नहीं पूछ सकते। और ना ही

सरकार को कटघरे में नहीं खड़ा कर सकते हैं।" उपराष्ट्रपति ने यह भी कहा कि

ऐसी स्थिति में नुकसान भी सरकार का ही होता है क्योंकि सरकार विपक्ष की योग्यता का

फायदा नहीं ले पाती है। इस संदर्भ में उन्होंने

बाबा साहब डा. भीमराव अंबेडकर की

चेतावनी को याद दिलाया कि यदि विधायिका जनहित के मुद्दों का समाधान नहीं करेगी तो

वह जनता का विश्वास खो देगी।

उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष से आग्रह किया कि वे

हमारे संविधान की मूल प्रति की प्रतिलिपियां सदस्यों को उपलब्ध कराएं जिसमें भारत

का 5000 साल का इतिहास चित्रों में उकेरा गया है। उपराष्ट्रपति ने कहा कि ये चित्र

भारत की उदार विचार परंपरा को परिलक्षित करते हैं। धनखड़ ने कहा कि भारत के

संविधान को लोगों ने पढ़ा है, पर

जो संविधान उपलब्ध है वह पूर्ण नहीं है क्योंकि भारत के संविधान में चित्र भी हैं।

मौलिक अधिकारों वाले भाग में जो चित्र है, उसमें श्री राम, सीता

और लक्ष्मण पुष्पक विमान से अयोध्या लौट रहे हैं और 'राज्य के नीति निदेशक तत्व' वाले भाग में कुरुक्षेत्र का चित्र है

जिसमें भगवान श्री कृष्ण अर्जुन को गीता का ज्ञान दे रहे हैं। उपराष्ट्रपति ने

आश्चर्य व्यक्त करते हुए कहा कि "मुझे समझ नहीं आता कि संविधान का यह भाग

अक्सर किताबों से दूर क्यों रह जाता है?"

उन्होंने कहा कि सदन को चलाना सत्ता पक्ष और

विपक्ष दोनों का साझा दायित्व है। उन्होंने कहा सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों ही

विधान सभा का अंग हैं। विधानसभा को एक परिवार की तरह सम्मति से काम करना चाहिए। इस

संदर्भ में उन्होंने कहा कि सदस्यों का निलंबन उनके लिए पीड़ा का विषय था। उन्होंने कहा कि सदन में

व्यवधान क्षणिक सुर्खियां तो दिलवा सकते हैं लेकिन समाज हित में दीर्घकालिक प्रभाव

नहीं डाल सकते। उन्होंने कहा सदस्य भी सीमाओं से बंधे होते हैं। उपराष्ट्रपति ने

राजनैतिक दलों से आग्रह किया कि वे अपने सदस्यों को चर्चा में भाग लेने का अवसर

दें, तभी उन्हें अपनी

प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलेगा।

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