लोकसभा में गृहमंत्री अमित शाह का ऐतिहासिक प्रहार: “पीओके आज होता ही नहीं अगर नेहरू जी ने गलती नहीं की होती”

लोकसभा में गृहमंत्री अमित शाह का ऐतिहासिक प्रहार: “पीओके आज होता ही नहीं अगर नेहरू जी ने गलती नहीं की होती”
नई दिल्ली, 29 जुलाई 2025 — संसद के मानसून सत्र के दौरान लोकसभा में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कांग्रेस पार्टी पर करारा हमला बोला। उन्होंने कहा कि "आज विपक्ष हमसे सवाल पूछ रहा है कि युद्ध क्यों नहीं हुआ, लेकिन उन्हें इतिहास की जिम्मेदारी भी लेनी चाहिए। पीओके आज होता ही नहीं, अगर नेहरू जी ने 1948 में ऐतिहासिक भूल न की होती।"
गृहमंत्री ने कहा कि, "1960 में कांग्रेस सरकार ने सिंधु जल समझौते के तहत भारत के 80% जल स्रोत पाकिस्तान को सौंप दिए। इस आत्मघाती निर्णय ने पाकिस्तान को कृषि और सैन्य दृष्टि से ताकतवर बनाया, जबकि हम अपने ही जल संसाधनों पर लड़ाई लड़ते रहे।"
उन्होंने आगे कहा कि, "1971 में जब भारतीय सेना ने पाकिस्तान को घुटनों पर ला दिया और 93,000 पाक सैनिकों ने आत्मसमर्पण किया, तब भी कांग्रेस ने शिमला समझौते में पीओके को नज़रअंदाज़ कर दिया। अगर उस समय पीओके को भारत में मिला लिया गया होता, तो आज हमें वहाँ आतंकी ठिकानों पर ‘ऑपरेशन सिंदूर’ जैसे अभियान नहीं चलाने पड़ते।"
अमित शाह के इस बयान ने लोकसभा में भारी हलचल मचा दी। उन्होंने कांग्रेस पर राष्ट्रहित के मामलों में विफल रहने का गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि पार्टी ने हमेशा राजनीतिक लाभ के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा से समझौता किया है।
यह बयान उस पृष्ठभूमि में आया है जब भारत ने हाल ही में 'ऑपरेशन सिंदूर' के तहत पीओके में आतंकी ठिकानों पर भारी कार्रवाई की है और कांग्रेस पार्टी इस पर सबूत मांगती नजर आ रही है। गृहमंत्री ने यह भी जोड़ा कि “आज 130 करोड़ भारतीय देख रहे हैं कि कांग्रेस किसे बचाना चाहती है — भारत को या पाकिस्तान को?”
यह तीखा बयान देश की सुरक्षा नीति, ऐतिहासिक भूलों और वर्तमान राष्ट्रीय संकल्प को लेकर एक बार फिर कांग्रेस की भूमिका पर गहन विमर्श को जन्म देता है।





