मुख्य सामग्री पर जाएँ
ब्रेकिंग
Rajasthan Panchayat Election 2026: पंचायत चुनाव का ऐलान, 4 चरणों में होगी वोटिंग, जानिए पूरा शेड्यूलमुंबई में CJP का प्रदर्शन पड़ा भारी! जेल भरो आंदोलन पर FIR, आयोजकों में हड़कंपज्ञानेश कुमार पर चले लोकतंत्र की हत्या का मुकदमा! प्रमोद तिवारी का बड़ा हमलाBJP का झंडा उतारने वाले संजयन त्रिपाठी अब साइकिल पर सवार, समाजवादी पार्टी में हुए शामिलCM Yogi का बड़ा तोहफा: 4.60 लाख छात्रों के खाते में आई छात्रवृत्ति, आपके खाते में आई क्या? चेक करेंNoida: सुपरनोवा की 43वीं मंजिल से युवक ने लगाई छलांग, मौके पर दर्दनाक मौत, सोसाइटी में हड़कंपमुंबई प्रदर्शन के बाद CJP का दिल्ली कूच का ऐलान, अभिजीत दिपके ने कही ये बड़ी बातगठबंधन में फूट! रायबरेली से डरते थे राहुल गांधी! सपा नेता का बड़ा खुलासा, अखिलेश ने दी थी धमकी

सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 6:16 · नई दिल्ली संस्करण

कुंडली में बुध दोष दूर करने के लिए बुधवार को करें ये आसान उपाय

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
कुंडली में बुध दोष दूर करने के लिए बुधवार को करें ये आसान उपाय

नई दिल्ली। माघ माह के कृष्ण पक्ष की पंचमी तिथि बुधवार को पड़ रही है। इस दिन सूर्य धनु राशि में और चंद्रमा सिंह राशि में रहेंगे।

द्रिक पंचांग के अनुसार, अभिजीत मुहूर्त नहीं है और राहुकाल का समय दोपहर 12 बजकर 27 मिनट से शुरू होकर 1 बजकर 46 मिनट तक रहेगा।

इस तिथि पर कोई विशेष त्योहार नहीं है, लेकिन आप वार के हिसाब से बुधवार का व्रत रख सकते हैं। अगर किसी की कुंडली में बुध कमजोर है, तो वे भी इस दिन कुछ विशेष उपाय कर सकते हैं।

पुराणों और ज्योतिष के अनुसार, बुधवार का दिन मुख्य रूप से भगवान गणेश और बुध ग्रह को समर्पित है, जो बुद्धि, व्यापार और संचार के देवता माने जाते हैं।

मान्यता है कि इस दिन गणेश पूजा, मूंग दाल दान, हरे वस्त्र पहनना और वाणी पर नियंत्रण रखना शुभ माना जाता है, और जिनकी कुंडली में ग्रह दोष है, वे हो सके तो, पश्चिम दिशा की यात्रा से बचना चाहिए। यह दिन नई शुरुआत, पढ़ाई और व्यापारिक सौदों के लिए शुभ होता है, जिससे सौभाग्य और समृद्धि मिलती है।

इस तिथि पर विशेष पूजा करने के लिए जातक ब्रह्म मुहूर्त में उठकर नित्य कर्म स्नान आदि करके मंदिर या पूजा स्थल को साफ करें।

एक चौकी पर कपड़ा बिछाकर पूजन सामग्री रखें, फिर ईशान कोण (उत्तर-पूर्व दिशा) की ओर मुख करके आसन पर बैठें।

इसके बाद श्री गणेश को दूर्वा और पीले पुष्प अर्पित करें, साथ ही बुध देव को हरे रंग के वस्त्र चढ़ाएं। पूजा के दौरान श्री गणेश और बुध देव के "ॐ वक्रतुण्ड महाकाय सूर्यकोटि समप्रभ। निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्वकार्येषु सर्वदा॥" मंत्रों का जाप करें। फिर व्रत कथा सुनें और उनकी पूजा करें। अंत में, श्री गणेश को हलवा का भोग लगाएं और फिर श्री गणेश व बुध देव की आरती करें। उसके बाद आरती का आचमन करें।

पूजा समाप्त होने पर भोग को प्रसाद के रूप में सभी में बांट दें। शाम के समय फलाहार से व्रत का पारण करें।

यह ख़बर दूसरों तक पहुँचाएँ

WhatsAppFacebookX

संबंधित ख़बरें