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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 4:47 · नई दिल्ली संस्करण

बाघों की खाल की तस्करी का भंडाफोड़, महाराष्ट्र के दो तस्कर गिरफ्तार

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
बाघों की खाल की तस्करी का भंडाफोड़, महाराष्ट्र के दो तस्कर गिरफ्तार

जगदलपुर / रायपुर। छत्तीसगढ़ में वन्यजीव संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए वन विभाग ने वन्यजीव तस्करी के खिलाफ बड़ी सफलता हासिल की है। वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप के मार्गदर्शन में बीते मंगलवार काे की गई कार्रवाई में छत्तीसगढ़-महाराष्ट्र सीमा से दो अंतरराज्यीय तस्करों को बाघ की दो खालों के साथ गिरफ्तार किया गया है। यह कार्रवाई वन्यजीव अपराधों के विरुद्ध प्रदेश सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति और वन विभाग की सतर्क कार्यप्रणाली का प्रमाण है।

गोपनीय सूचना के आधार पर पश्चिम भानुप्रतापपुर वनमंडल के बांदे परिक्षेत्र के सीमावर्ती क्षेत्र में विशेष अभियान चलाया गया। घेराबंदी के दौरान महाराष्ट्र के गढ़चिरौली निवासी दो आरोपी मोटरसाइकिल से बाघ की दो खालों की अवैध तस्करी करते हुए पकड़े गए। वन विभाग की टीम ने दोनों को मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया।

इस मामले में छत्तीसगढ़ के वन मंत्री केदार कश्यप ने आज बुधवार काे कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार वन्यजीवों की सुरक्षा के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है। बाघ सहित संरक्षित वन्यजीवों की तस्करी करने वालों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी। प्रदेश के जंगल और जैव विविधता हमारी अमूल्य धरोहर हैं, इनके संरक्षण से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि वन विभाग लगातार आधुनिक तकनीक, खुफिया तंत्र और विभिन्न एजेंसियों के समन्वय से वन्यजीव अपराधों पर प्रभावी निगरानी रख रहा है। ऐसे संगठित तस्करी नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त करने के लिए अभियान लगातार जारी रहेगा।

गिरफ्तार दोनों आरोपिताें को न्यायालय में प्रस्तुत किए जाने के बाद न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। वन विभाग इस अवैध नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपियों की तलाश में जुटा हुआ है और पूरे मामले की गहन जांच की जा रही है। जल्द ही इस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।

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