संसद में खामोश रहने वाले झारखंड में मचा रहे हैं बवाल

चुनाव की घोषणा से पहले टिकट की जुगाड़ में लग गए सांसद
राष्ट्रीय सागर संवाददाता
रांची: लोकसभा चुनाव दहलीज पर है, बस कुछ ही माह में में चुनाव होने को है। सभी सांसद अपने-अपने टिकट के जुगाड़ में हैं, कई सांसद अभी से ही चुनावी बयार बनाने में इतने मशगूल है कि उन्हें किसी चिज की फिक्र नहीं है। बस उन्हें तो चिन्ता इस बात की है कि किसी तरह से सांसद बनकर दिल्ली की चौखट तक पहुंच जाएं। चुनाव की तारीख नजदीक आते जा रहे है और इनकी बेकरारी बढ़ती जा रही है। अगर झारखंड की बात करे तो यहां लोकसभा की 14 सीटें है, जिन पर नजर एनडीए और इंडिया की लगी हुई है। पिछली बार हुए चुनाव में भाजपा ने 12,कांग्रेस ने 1 और जेएमएम 1 सीट जीतने में कामयाब रही। वही, राज्यसभा के 6 सांसद झारखंड का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। माननीय तो जनता की वोट पाकर दिल्ली तो पहुंच गये मगर संसद में इनकी उपस्थित क्या रही ,कितने सवाल किए और कितने डिबेट में हिस्सा लिया ये जनता जर्नादन जरुर जानती है। झारखंड के 14 लोकसभा सांसदों ने कुल 2942 सवाल सदन में पूछे है जिनमे सबसे कम मौजूदगी राजमहल से जेएमएम सांसद विजय हांसदा की 65 फीसदी रही। वही, चाईबासा से सांसद गीता कोड़ा 69 प्रतिशत ही अभी तक अपनी मौजूदगी दर्ज करा सकी। यानि जेएमएम और कांग्रेस के सांसदों की उपस्थिति कम रही। राज्य के छह सांसदों ने कुल 1056 प्रश्न किए। जिसमे सबसे अधिक सवाल कांग्रेस के सांसद धीरज साहू ने किया। जबकि जेएमएम से राज्यसभा सांसद शिबू सोरेन की उपस्थिति 39 फीसदी रही। लेकिन, उन्होंने एक भी सवाल नहीं किया। जमशेदपुर से बीजेपी सांसद विद्युतवरण महतो ने सबसे अधिक 616 सवाल पूछा है। वहीं दुमका से बीजेपी के सांसद सुनील सोरेन ने एक बार भी प्रश्न नही किया है।





