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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 5:58 · नई दिल्ली संस्करण

झारखंड में बारिश से नहीं मिलेगी राहत, चार जिलों में रेड अलर्ट

राष्ट्रीय सागर डेस्क4 मिनट का पठन
झारखंड में बारिश से नहीं मिलेगी राहत, चार जिलों में रेड अलर्ट

रांची। राज्य में मानसून की विदाई से पूर्व जमकर बारिश हाे रही है। बारिश के बाद कई जिलाें में नदियाें के जलस्तर में काफी वृद्धि हुई है। बंगाल में बने लाे प्रेशर का असर राज्य में भी देखने काे मिल रहा है। सोमवार को संथाल परगना के कुछ भाग को छोड़कर पूरे राज्य में बारिश हुई। कुछ जिलों में तेज बारिश से नदियों और जलस्रोतों का स्तर भी बढ़ गया। कई डैम के फाटक भी खोलने पड़े।मौसम विभाग ने मंगलवार को राज्य के चार जिलों में अत्यधिक भारी बारिश को लेकर रेड अलर्ट जारी किया गया है, जिसमें गढ़वा, पलामू, लातेहार और सिमडेगा शामिल हैं। पांच जिलों चतरा, लोहरदगा, गुमला, खूंटी और पश्चिमी सिंहभूम में भारी बारिश को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। साथ ही रांची समेत सात जिलों रामगढ़, बोकारो, धनबाद, गिरिडीह, हजारीबाग और कोडरमा में येलो अलर्ट जारी किया गया है। 17 से 18 सितंबर के लिए गढ़वा और पलामू में ऑरेंज अलर्ट, वहीं लातेहार और चतरा में येलो अलर्ट जारी किया गया है। इस दौरान विभाग ने कहीं-कहीं पर गर्जन और तेज हवाओं (गति 50-60 केएमपीएच) का झोंका के साथ वज्रपात की आशंका भी जताई है।पिछले 24 घंटे में राज्य में मानसून गतिविधि अति सक्रिय रही। राज्य में लगभग सभी स्थानों पर हल्के से मध्यम, जबकि कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश हुई। सबसे अधिक बारिश 163.0 एमएम चतरा जिले में दर्ज की गई। धनबाद के सिंदरी में 112, बाेकाराे के चंदनकियरी में 110, लातेहार में 106, जमशेदपुर में 100, जामताड़ा में 92 एमएम बारिश दर्ज की गई। इस दौरान सबसे अधिक उच्चतम तापमान 29.8 डिग्री सेल्सियस गोड्डा में जबकि सबसे कम न्यूनतम तापमान 21.6 डिग्री सेल्सियस रांची में दर्ज किया गया।साइक्लोनिक सर्कुलेशन का असर राजधानी रांची में भी देखने को मिला। रविवार की शाम से शुरू हुई बारिश लगातार 24 घंटे से अधिक तक जारी रही। बारिश से सामान्य जीवन प्रभावित रहा। सड़कों पर चार पहिया वाहन ज्यादा और दो पहिया वाहन कम दिखे। बारिश के कारण शहर के कई नालियों का पानी सड़क पर आ गया। कई घरों में नाली का पानी घुसने से लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा।मौसम विभाग के अनुसार सोमवार को साइक्लोनिक सर्कुलेशन ने झारखंड में प्रवेश किया। साइक्लोन का इंटेन्स प्रेशर पुरुलिया, जमशेदपुर, रांची के आसपास केंद्रित था। विभाग की ओर से जानकारी दी गई कि इंटेन्स प्रेशर के पश्चिम बंगाल और झारखंड में पश्चिम-उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ते हुए अगले 12 घंटों के दौरान कमजोर होने की संभावना है।राज्य में ये स्थिति मंगलवार तक रहने की संभावना है। उसके बाद मानसून कमजाेर पड़ने लगेगा। संभावना है 22 से 23 सितंबर तक राज्य से मानसून की विदाई हाे जायेगी। पिछले 24 घंटे के दाैरान राज्य के अलग-अलग हिस्साें में भारी बारिश हुई है। इससे जान-माल काे काफी नुकसान हुआ है। रांची माैसम विभाग के वैज्ञानिक अभिषेक आनंद ने बताया कि 21 सितंबर तक राजधानी रांची में हल्के बादल छाए रहेंगे। कहीं-कहीं हल्के दर्जे की बारिश हाे सकती है।गोंदा डैम फिर हुआ लबालब, तीनों फाटक खोले गयेराज्य में भारी बारिश से नदियां उफान पर हैं। डैमों का जलस्तर बढ़ गया है। इस कारण लोगों की परेशानी भी बढ़ गयी है। रांची के कांके का गोंदा डैम फिर लबालब हो चुका है। डैम अपनी क्षमता के अनुसार 28 फीट पर पहुंच गया है। डैम के तीनों फाटक खोलकर वाटर लेवल को नियंत्रित रखा जा रहा है। रूक्का डैम भी अपनी क्षमता से पांच फीट नीचे है। डैम का लेवल 32.04 फीट पर पहुंच चुका है। हटिया डैम का लेवल भी 31 फीट तक पहुंच चुका है। अगर पूरी रात इसी तरह बारिश होती रही तो मंगलवार की सुबह तक जलस्तर में और बढ़ोतरी हो सकती है। पिछले साल की तुलना में 16 सितंबर को अच्छी बढ़ोतरी दर्ज की गयी है। रामगढ़ जिले में पतरातू डैम का भी जलस्तर बढ़ गया है। इस कारण फाटक खोलकर पानी की निकासी की जा रही है। पांच फाटक खोल दिए गए हैं, ताकि तेजी से पानी निकल सके। दामोदर भी उफान पर है। इन पर नजर रखी जा रही है।

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