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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · रात 2:51 · नई दिल्ली संस्करण

दुनिया ने खोया ‘रनिंग बाबा’, सरदार फ़ौजा सिंह का 114 वर्ष की उम्र में निधन

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
दुनिया ने खोया ‘रनिंग बाबा’, सरदार फ़ौजा सिंह का 114 वर्ष की उम्र में निधन

दुनिया ने खोया ‘रनिंग बाबा’, सरदार फ़ौजा सिंह का 114 वर्ष की उम्र में निधन

नई दिल्ली/अमृतसर, 15 जुलाई 2025 — विश्व के सबसे उम्रदराज मैराथन धावक सरदार फ़ौजा सिंह का आज दुखद निधन हो गया। 114 वर्ष की अविश्वसनीय उम्र में भी प्रेरणा का स्रोत बने रहे फ़ौजा सिंह को आज सुबह पंजाब के बीआस पिंड में सड़क पार करते समय एक अज्ञात वाहन ने टक्कर मार दी। गंभीर रूप से घायल अवस्था में उन्हें स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस दुःखद समाचार के बाद खेल और फिटनेस जगत में शोक की लहर दौड़ गई।

मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता ने इस महान विभूति को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि, “विश्व के सबसे उम्रदराज मैराथन धावक सरदार फ़ौजा सिंह जी के निधन का समाचार अत्यंत पीड़ादायक है। अपनी विलक्षण जीवटता, अनुशासन और अद्वितीय ऊर्जा से उन्होंने न केवल खेल जगत को गौरवान्वित किया, बल्कि फिटनेस और आत्मबल के प्रतीक बनकर युवाओं को भी प्रेरणा दी। सदी पार कर चुका एक ऐसा धावक, जिसने साबित किया कि आयु नहीं, संकल्प मायने रखता है। ईश्वर दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें और शोकाकुल परिजनों व असंख्य प्रशंसकों को यह दुःख सहने की शक्ति प्रदान करें।”

फ़ौजा सिंह ने 89 वर्ष की उम्र में मैराथन दौड़ की शुरुआत की थी और फिर उन्होंने 100 वर्ष की उम्र में टोरंटो मैराथन जैसी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता पूरी कर इतिहास रच दिया। ‘टरबन टॉर्नेडो’ के नाम से मशहूर फ़ौजा सिंह ने 2012 के लंदन ओलंपिक की मशाल यात्रा में भाग लिया और जीवनभर फिटनेस, संयम और सकारात्मक जीवन दृष्टिकोण का प्रतीक बने रहे।

उनकी जीवनी पर आधारित ‘The Turbaned Tornado’ और बच्चों की पुस्तक ‘Fauja Singh Keeps Going’ आज भी लोगों को प्रेरित करती है। उन्होंने अपने जीवन में यह साबित किया कि जीवन में उम्र कभी बाधा नहीं होती बाधा होती है केवल मन की सोच।

आज देश ने केवल एक धावक नहीं, बल्कि एक युग को खो दिया। लेकिन सरदार फ़ौजा सिंह की प्रेरक यात्रा, उनका आत्मबल और अनुशासन आने वाली पीढ़ियों को सदा प्रेरणा देता रहेगा।

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