मुख्य सामग्री पर जाएँ
ब्रेकिंग
Rajasthan Panchayat Election 2026: पंचायत चुनाव का ऐलान, 4 चरणों में होगी वोटिंग, जानिए पूरा शेड्यूलमुंबई में CJP का प्रदर्शन पड़ा भारी! जेल भरो आंदोलन पर FIR, आयोजकों में हड़कंपज्ञानेश कुमार पर चले लोकतंत्र की हत्या का मुकदमा! प्रमोद तिवारी का बड़ा हमलाBJP का झंडा उतारने वाले संजयन त्रिपाठी अब साइकिल पर सवार, समाजवादी पार्टी में हुए शामिलCM Yogi का बड़ा तोहफा: 4.60 लाख छात्रों के खाते में आई छात्रवृत्ति, आपके खाते में आई क्या? चेक करेंNoida: सुपरनोवा की 43वीं मंजिल से युवक ने लगाई छलांग, मौके पर दर्दनाक मौत, सोसाइटी में हड़कंपमुंबई प्रदर्शन के बाद CJP का दिल्ली कूच का ऐलान, अभिजीत दिपके ने कही ये बड़ी बातगठबंधन में फूट! रायबरेली से डरते थे राहुल गांधी! सपा नेता का बड़ा खुलासा, अखिलेश ने दी थी धमकी

सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · रात 3:56 · नई दिल्ली संस्करण

असम के कामाख्या मंदिर में चार दिवसीय अंबुवाची मेला शुरू होगा

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
असम के कामाख्या मंदिर में चार दिवसीय अंबुवाची मेला शुरू होगा

नई दिल्ली। पूर्वी भारत के सबसे बड़े और अहम धार्मिक आयोजनों में से एक, सालाना अंबुवाची मेला सोमवार को मशहूर कामाख्या मंदिर में शुरू होने जा रहा है। चार दिन तक चलने वाले इस मेले में देश-विदेश से आठ लाख से अधिक श्रद्धालु, तीर्थयात्री, साधु और पर्यटक शामिल होने की उम्मीद अधिकारियों ने जताई है।

नारी शक्ति और प्रजनन क्षमता के प्रतीक के रूप में मनाया जाने वाला अंबुबाची मेला, देवी कामाख्या के वार्षिक मासिक धर्म चक्र का उत्सव है। देवी कामाख्या को दैवीय स्त्री रचनात्मक ऊर्जा (सृजन शक्ति) का साक्षात् स्वरूप माना जाता है। यह त्योहार भारत में शक्ति उपासना से जुड़े सबसे महत्वपूर्ण आयोजनों में से एक है, जिसका तांत्रिक परंपराओं को मानने वालों के बीच विशेष महत्व है

कामाख्या मंदिर प्रशासन के अनुसार, धार्मिक अनुष्ठान की शुरुआत सोमवार रात 9:08:42 बजे 'प्रवृत्ति' समारोह के साथ होगी, जो इस पवित्र समय की शुरुआत का प्रतीक है। अनुष्ठान शुरू होने के बाद मंदिर के दरवाजे तीन दिनों तक बंद रहेंगे और इस दौरान भक्तों को गर्भगृह में प्रवेश करने की अनुमति नहीं होगी।

मंदिर 26 जून की सुबह 'निवृत्ति' अनुष्ठान और पारंपरिक नित्य पूजा पूरी होने के बाद फिर से खुलेगा।

इसके बाद भक्तों को मंदिर में पूजा-अर्चना करने और आशीर्वाद लेने की अनुमति दी जाएगी।

नीलाचल पहाड़ियों पर स्थित कामाख्या मंदिर 51 शक्तिपीठों में से एक है और इसे हिंदुओं के लिए सबसे पवित्र तीर्थ स्थलों में से एक माना जाता है। तीन दिनों की इस अवधि के दौरान मंदिर के भीतर सभी धार्मिक अनुष्ठान रोक दिए जाते हैं, जो देवी के मासिक धर्म के दौरान पालन किए जाने वाले एकांतवास का प्रतीक है।

जब मंदिर के दरवाजे फिर से खुलेंगे, तो पवित्र 'अंगोदक' और 'अंगवस्त्र' प्राप्त करने के लिए हजारों भक्तों के जुटने की उम्मीद है, जिन्हें श्रद्धालु बहुत शुभ मानते हैं।

असम सरकार और कामाख्या मंदिर प्रबंधन ने मेले के लिए व्यापक तैयारियां पूरी कर ली हैं। त्योहार के सुचारू संचालन और तीर्थयात्रियों की सुरक्षा व सुविधा सुनिश्चित करने के लिए सुरक्षा, स्वास्थ्य सेवा, स्वच्छता, आवास और भोजन वितरण के विशेष इंतजाम किए गए हैं।

हर साल, अंबुवाची मेला गुवाहाटी को धार्मिक और आध्यात्मिक गतिविधियों के एक जीवंत केंद्र में बदल देता है, जिससे लाखों तीर्थयात्री, साधु-संत और आध्यात्मिक साधक यहां खिंचे चले आते हैं।

तैयारियां पूरी होने के साथ ही, अधिकारी इस ऐतिहासिक मंदिर में एक और विशाल जमावड़े की तैयारी कर रहे हैं, क्योंकि भक्त देवी शक्ति को समर्पित सबसे पवित्र त्योहारों में से एक को मनाने के लिए यहां एकत्र हो रहे हैं।

यह ख़बर दूसरों तक पहुँचाएँ

WhatsAppFacebookX

संबंधित ख़बरें