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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 5:20 · नई दिल्ली संस्करण

बलरामपुर : मृतक उमेश सिंह बादी गैंग का सक्रिय सदस्य, कई जिलों में चोरी-डकैती के दर्जनों मामलों में रहा शामिल

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
बलरामपुर : मृतक उमेश सिंह बादी गैंग का सक्रिय सदस्य, कई जिलों में चोरी-डकैती के दर्जनों मामलों में रहा शामिल

बलरामपुर। बलरामपुर जिले में बीते दिनों ज्वेलरी दुकान में हुई बड़ी चोरी के मामले में पुलिस ने जबरदस्त खुलासा करते हुए जसपुर जिले से 9 आरोपितों को गिरफ्तार किया था। जानकारी अनुसार इन्हीं में शामिल गंभीर बीमारी से पीड़ित उमेश सिंह की मौत जिला चिकित्सालय में इलाज के दौरान हो गई। उमेश की मौत के बाद जिला मुख्यालय में तनाव का माहौल बन गया। परिजनों ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए शव लेने से इनकार कर दिया था।सूत्रों के मुताबिक, मृतक उमेश सिंह और उसके परिवार के कई सदस्य कुख्यात ‘बादी गैंग’ से जुड़े हुए हैं। यह गैंग लंबे समय से चोरी और डकैती जैसी घटनाओं में सक्रिय रही है। बताया जाता है कि, इस गिरोह के सदस्य अत्यंत चालाकी और सटीक योजना के साथ वारदातों को अंजाम देते हैं। उमेश सिंह और उसके पिता दोनों पर विभिन्न जिलों में चोरी-डकैती सहित कई गंभीर प्रकरण दर्ज हैं।पुलिस सूत्रों के अनुसार, ज्वेलरी दुकान चोरी मामले में जांच के दौरान बादी गैंग की संलिप्तता सामने आने के बाद कार्रवाई की गई थी। इस दौरान उमेश सिंह की गिरफ्तारी हुई और उसके पास से बड़ी रकम भी बरामद की गई। जिला मुख्यालय लाते समय उमेश की तबीयत अचानक बिगड़ गई, जिसके बाद उसे जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया गया। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। उमेश की मौत पुलिस कस्टडी में होने के बाद परिजनों ने जमकर हंगामा किया और शव लेने से इनकार कर दिया। परिवार का आरोप है कि उमेश की मौत पुलिस की प्रताड़ना के कारण हुई है। वहीं प्रशासन का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जा रही है।घटना के तीन दिन बीत जाने के बावजूद परिजन अब भी शव लेने को तैयार नहीं हैं। वे प्रशासन से मुआवजा और एफआईआर दर्ज करने जैसी मांगें रख रहे हैं। जिले में स्थिति अब भी तनावपूर्ण बनी हुई है। पूरा मामला संवेदनशील होने के कारण उच्चस्तरीय न्यायिक जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस का कहना है कि, प्रमाणों के आधार पर गैंग का पर्दाफाश किया गया है और किसी के साथ अन्याय नहीं होगा।

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