मुख्य सामग्री पर जाएँ
ब्रेकिंग
Rajasthan Panchayat Election 2026: पंचायत चुनाव का ऐलान, 4 चरणों में होगी वोटिंग, जानिए पूरा शेड्यूलमुंबई में CJP का प्रदर्शन पड़ा भारी! जेल भरो आंदोलन पर FIR, आयोजकों में हड़कंपज्ञानेश कुमार पर चले लोकतंत्र की हत्या का मुकदमा! प्रमोद तिवारी का बड़ा हमलाBJP का झंडा उतारने वाले संजयन त्रिपाठी अब साइकिल पर सवार, समाजवादी पार्टी में हुए शामिलCM Yogi का बड़ा तोहफा: 4.60 लाख छात्रों के खाते में आई छात्रवृत्ति, आपके खाते में आई क्या? चेक करेंNoida: सुपरनोवा की 43वीं मंजिल से युवक ने लगाई छलांग, मौके पर दर्दनाक मौत, सोसाइटी में हड़कंपमुंबई प्रदर्शन के बाद CJP का दिल्ली कूच का ऐलान, अभिजीत दिपके ने कही ये बड़ी बातगठबंधन में फूट! रायबरेली से डरते थे राहुल गांधी! सपा नेता का बड़ा खुलासा, अखिलेश ने दी थी धमकी

सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 6:24 · नई दिल्ली संस्करण

सद का बजट सत्र रहा उत्पादक, 109.87% कामकाज और 117 सवालों पर चर्चा

राष्ट्रीय सागर डेस्क3 मिनट का पठन
सद का बजट सत्र रहा उत्पादक, 109.87% कामकाज और 117 सवालों पर चर्चा

नई दिल्ली राज्यसभा के 270वें सत्र के समापन के साथ ही शनिवार को संसद के बजट सत्र का भी समापन हो गया। शनिवार को समाप्त हुए संसद के इस बजट सत्र में राज्यसभा का कामकाज सुचारू रूप से चला और सत्र की प्रोडक्टिविटी 100 फीसदी से भी अधिक रही। संपूर्ण सत्र के दौरान राज्यसभा ने कुल 157 घंटे 40 मिनट कार्य किया।

खास बात यह रही कि इस दौरान राज्यसभा की उत्पादकता 109.87 प्रतिशत रही। शनिवार को समाप्त हुए बजट में कुल 117 प्रश्न पूछे गए, वहीं सदन में 446 शून्यकाल उल्लेख किए गए। वहीं राज्यसभा सांसदों द्वारा 207 विशेष उल्लेख प्रस्तुत किए गए।

बजट सत्र के समापन पर उपराष्ट्रपति व राज्यसभा के सभापति सीपी राधाकृष्णन ने सभी दलों के सांसदों का आभार व्यक्त किया।

उन्होंने सांसदों से कहा कि आपने अपने बहुमूल्य विचारों से सदन की कार्यवाही को समृद्ध किया। गौरतलब है कि संसद के तीनों सत्रों में बजट सत्र का विशेष महत्व होता है। यह न केवल सबसे लंबा सत्र होता है, बल्कि देश की विकास दिशा तय करने में भी सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

इस सत्र में पारित बजट, स्वीकृत नीतियां और निर्धारित प्राथमिकताएं देश के प्रत्येक नागरिक के जीवन को सीधे प्रभावित करती हैं। मौजूदा बजट सत्र वर्ष का सबसे लंबा सत्र है। बजट सत्र राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव से प्रारंभ हुआ था, जिस पर चार दिनों तक सदन में विस्तृत चर्चा हुई।

इस विस्तृत चर्चा में राज्यसभा के 79 सदस्यों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इसके बाद केंद्रीय बजट 2026-27 पर भी चार दिनों तक गंभीर और व्यापक चर्चा हुई, जिसमें 97 सदस्यों ने भाग लिया। साथ ही, सरकार के दो महत्वपूर्ण मंत्रालयों के कार्यकलापों पर भी सार्थक चर्चा की गई।

सदन ने वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल द्वारा भारत-अमेरिका द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर तथा विदेश मंत्री द्वारा पश्चिम एशिया की स्थिति पर दिए गए वक्तव्यों पर भी ध्यान दिया।

सभापति ने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा पश्चिम एशिया की वर्तमान स्थिति और उससे उत्पन्न चुनौतियों, विशेषकर भारत की ऊर्जा आवश्यकताओं पर दिए गए वक्तव्य ने स्थिति को स्पष्ट किया और राष्ट्रीय एकजुटता की आवश्यकता को रेखांकित किया।

सत्र समापन होने पर सभापति ने कहा, मुझे यह बताते हुए प्रसन्नता है कि इस सत्र के दौरान 50 निजी सदस्य विधेयक प्रस्तुत किए गए। 94 अवसरों पर माननीय सदस्यों ने संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल 12 क्षेत्रीय भाषाओं में अपने विचार रखे।

इस सत्र में हरिवंश नारायण सिंह का राज्यसभा के उपसभापति के रूप में तीसरी बार निर्वाचन भी हुआ। प्रधानमंत्री सहित सभी दलों के नेताओं और सदस्यों ने उन्हें बधाई दी। सभापति ने कहा कि वह सदन के सुचारू संचालन में सहयोग देने के लिए उपसभापति, उपसभापति पैनल के सदस्यों, सदन के नेता, विपक्ष के नेता, संसदीय कार्य मंत्रालय, विभिन्न दलों के नेताओं तथा सभी सदस्यों का आभार व्यक्त करते हैं।

इसके साथ ही सभापति ने राज्यसभा के सदस्यों से कहा कि वह एक बार फिर सभी सदस्यों से अनुरोध करते हैं कि नियम 267 का उपयोग केवल आवश्यक परिस्थितियों में ही किया जाए, ताकि सदन का बहुमूल्य समय व्यर्थ न हो।

यह ख़बर दूसरों तक पहुँचाएँ

WhatsAppFacebookX

संबंधित ख़बरें