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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 9:35 · नई दिल्ली संस्करण

दिल्ली पर राज करने वाला '40-40-20' एलीट्स क्लब बन जाएगा इतिहास, 5 जून तक खाली करने का आदेश

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
दिल्ली पर राज करने वाला '40-40-20' एलीट्स क्लब बन जाएगा इतिहास, 5 जून तक खाली करने का आदेश

नई दिल्ली,। दिल्ली की सत्ता, राजनीति और नौकरशाही के गलियारों में दशकों तक खास पहचान रखने वाला चर्चित ‘40-40-20’ एलीट्स क्लब अब इतिहास बनने की कगार पर पहुंच गया है। क्लब को 5 जून तक परिसर खाली करने का आदेश जारी किया गया है। इस फैसले के बाद राजधानी के प्रभावशाली वर्ग में हलचल तेज हो गई है और क्लब के भविष्य को लेकर चर्चाएं शुरू हो गई हैं।

सूत्रों के अनुसार, संबंधित प्राधिकरण ने क्लब प्रबंधन को नोटिस जारी कर निर्धारित समयसीमा के भीतर भवन खाली करने के निर्देश दिए हैं। आदेश में साफ कहा गया है कि तय तारीख तक परिसर खाली नहीं करने पर आगे की कार्रवाई की जा सकती है। नोटिस मिलने के बाद क्लब से जुड़े सदस्यों, कर्मचारियों और नियमित आने वाले लोगों के बीच असमंजस की स्थिति बनी हुई है।

‘40-40-20’ क्लब लंबे समय से दिल्ली के राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में एक प्रतिष्ठित पहचान रखता रहा है। इसे राजधानी के उन चुनिंदा क्लबों में गिना जाता था, जहां वरिष्ठ नौकरशाह, राजनेता, कारोबारी और प्रभावशाली लोग नियमित रूप से जुटते थे। कई महत्वपूर्ण राजनीतिक चर्चाओं, रणनीतिक बैठकों और सामाजिक आयोजनों का यह क्लब गवाह रहा है। यही वजह है कि इसे दिल्ली के “पावर सर्किल” का अहम हिस्सा माना जाता था।

क्लब की सदस्यता को लेकर भी हमेशा खास आकर्षण रहा। कहा जाता है कि यहां सदस्य बनना आसान नहीं था और इसकी पहचान एक विशेष वर्ग तक सीमित मानी जाती थी। वर्षों तक यह क्लब राजधानी के एलीट नेटवर्किंग सेंटर के रूप में चर्चित रहा।

अब परिसर खाली करने के आदेश के बाद क्लब के अस्तित्व पर संकट खड़ा हो गया है। सूत्रों का कहना है कि क्लब प्रबंधन इस फैसले के खिलाफ कानूनी विकल्पों पर विचार कर सकता है। हालांकि, अभी तक क्लब की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

उधर, इस घटनाक्रम ने दिल्ली के राजनीतिक और सामाजिक हलकों में नई बहस छेड़ दी है। कई लोग इसे बदलते दौर का संकेत मान रहे हैं, जबकि कुछ इसे राजधानी की पुरानी संस्थागत विरासत के खत्म होने के रूप में देख रहे हैं। आने वाले दिनों में यह स्पष्ट होगा कि क्लब प्रबंधन आदेश का पालन करता है या फिर मामले को अदालत में चुनौती दी जाती है।

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