मुख्य सामग्री पर जाएँ
ब्रेकिंग
Rajasthan Panchayat Election 2026: पंचायत चुनाव का ऐलान, 4 चरणों में होगी वोटिंग, जानिए पूरा शेड्यूलमुंबई में CJP का प्रदर्शन पड़ा भारी! जेल भरो आंदोलन पर FIR, आयोजकों में हड़कंपज्ञानेश कुमार पर चले लोकतंत्र की हत्या का मुकदमा! प्रमोद तिवारी का बड़ा हमलाBJP का झंडा उतारने वाले संजयन त्रिपाठी अब साइकिल पर सवार, समाजवादी पार्टी में हुए शामिलCM Yogi का बड़ा तोहफा: 4.60 लाख छात्रों के खाते में आई छात्रवृत्ति, आपके खाते में आई क्या? चेक करेंNoida: सुपरनोवा की 43वीं मंजिल से युवक ने लगाई छलांग, मौके पर दर्दनाक मौत, सोसाइटी में हड़कंपमुंबई प्रदर्शन के बाद CJP का दिल्ली कूच का ऐलान, अभिजीत दिपके ने कही ये बड़ी बातगठबंधन में फूट! रायबरेली से डरते थे राहुल गांधी! सपा नेता का बड़ा खुलासा, अखिलेश ने दी थी धमकी

सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · रात 2:38 · नई दिल्ली संस्करण

ईडी ने किया दावा झारखंड में 3000 करोड़ का है टेंडर घोटाला ,बांग्लादेश के आलावा कई देशों में भेजे गए पैसे

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
ईडी ने किया दावा झारखंड में 3000 करोड़ का है टेंडर घोटाला ,बांग्लादेश के आलावा कई देशों में भेजे गए पैसे

ईडी ने किया दावा झारखंड में 3000 करोड़ का है टेंडर घोटाला ,बांग्लादेश के आलावा कई देशों में भेजे गए पैसे

रांची: प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने दावा किया है कि झारखंड में जो टेंडर घोटाला हुआ है वह 3000 करोड़ का है। यह पैसे बांग्लादेश समेत कई देशों में भेजे गए। दरअसल ईडी ने हेमंत सोरेन को अंतरिम जमानत से जुड़े मामले में सुप्रीम कोर्ट में दाखिल हलफनामे में टेंडर घोटाले की चल रही जांच का आंशिक खुलासा किया है। आपको बता दें कि ईडी ने मंत्री आलमगीर आलम को टेंडर घोटाला मामले में गिरफ्तार किया है। ईडी ने कहा है कि ग्रामीण विकास मंत्री आलमगीर आलम टेंडर घोटाले की जांच में सहयोग नहीं कर रहे हैं। ईडी ने कहा कि जब्त की गयी सामग्रियों, दस्तावेजों, रिकॉर्डों से नये तथ्य सामने आये हैं, जिनका आलमगीर से आमना-सामना कराने की जरूरत है। ईडी ने कहा कि डिजिटल रिकॉर्ड भारी मात्रा में हैं। विभिन्न डिजिटल उपकरणों से डाटा निकालने का काम अभी भी जारी है। साथ ही संजीव लाल और जहांगीर आलम से पूछताछ के दौरान कई नये तथ्य सामने आये हैं। इन तथ्यों का मंत्री के साथ सामना कराने और पुष्टि करने की जरूरत है। क्योंकि, आलमगीर धन के स्रोत यानी अपराध की आय के बारे में महत्वपूर्ण जानकारियां छिपा रहे हैं और अपने जवाबों में भी टालमटोल कर रहे हैं। ईडी ने यह भी कहा कि आलमगीर और उनके सहयोगियों द्वारा अपराध की आय से अर्जित संपत्तियों की पहचान करने और मंत्री के माध्यम से अपराध की आय अर्जित करने वाले अन्य लाभार्थियों की भूमिका की जांच करने के लिए भी उनकी हिरासत में पूछताछ जरूरी है।

छह मई को ईडी ने संजीव और जहांगीर के परिसरों पर छापेमारी की थी। इस दौरान ईडी ने उनके ठिकानों से 37.5 करोड़ बरामद किये थे। इसके बाद ईडी ने आलमगीर आलम को समन जारी कर पूछताछ के लिए बुलाया था। दो दिनों तक लंबी पूछताछ के बाद ईडी ने 13 मई को आलमगीर आलम को गिरफ्तार कर लिया था। यह मामला वीरेंद्र कुमार राम से जुड़ा है, जिन्हें पिछले साल 23 फरवरी को गिरफ्तार किया गया था। वह झारखंड सरकार के ग्रामीण विकास विशेष प्रमंडल और ग्रामीण कार्य विभाग दोनों में मुख्य अभियंता के पद पर तैनात थे। वीरेंद्र राम निविदा आवंटन के लिए कमीशन इकट्ठा करता था और कमीशन में 1.5 प्रतिशत का निर्धारित हिस्सा मंत्री आलमगीर आलम को देता था।

यह ख़बर दूसरों तक पहुँचाएँ

WhatsAppFacebookX

संबंधित ख़बरें