अस्पृश्यता व जातिगत भेदभाव के खिलाफ थे स्वामी विवेकानंद : शाह

नई
दिल्ली, 12 जनवरी केन्द्रीय गृह एवं सहकारितामंत्री अमित शाह ने
कहा कि स्वामी विवेकानंद अस्पृश्यता व जातिगत भेदभाव के खिलाफ थे। वह ऐसे
भेदभाव को राष्ट्र के चहुंमुखी विकास में सबसे बड़ी बाधा मानते थे।
शाह
ने शुक्रवार को स्वामी विवेकानंद की जयंती के अवसर पर देशवासियों को बधाई
देते हुए एक्स पर लिखा कि पूरे विश्व को भारतीय संस्कृति की उत्कृष्टता का
दर्शन कराने वाले स्वामी विवेकानंद युवा शक्ति को राष्ट्रनिर्माण का आधार
मानते थे। उनके विचारों ने युवाओं के चरित्र निर्माण और उनमें राष्ट्रीयता
का भाव जागृत करने में उल्लेखनीय भूमिका निभाई। उनके द्वारा स्थापित
रामकृष्ण मिशन आज एक वटवृक्ष बनकर जनसेवा का कार्य कर रहा है।
शाह
ने कहा कि ऐसे युगमनीषी स्वामी विवेकानंद को उनकी जयंती पर वह नमन करते हैं
और देशवासियों को राष्ट्रीय युवा दिवस की शुभकामनाएं देते हैं। उल्लेखनीय
है कि स्वामी विवेकानंद की जयंती को राष्ट्रीय युवा दिवस के रूप में मनाया
जाता है। 12 जनवरी 1985 को पहली बार राष्ट्रीय युवा दिवस मनाया गया था।





