मुख्य सामग्री पर जाएँ
ब्रेकिंग
Rajasthan Panchayat Election 2026: पंचायत चुनाव का ऐलान, 4 चरणों में होगी वोटिंग, जानिए पूरा शेड्यूलमुंबई में CJP का प्रदर्शन पड़ा भारी! जेल भरो आंदोलन पर FIR, आयोजकों में हड़कंपज्ञानेश कुमार पर चले लोकतंत्र की हत्या का मुकदमा! प्रमोद तिवारी का बड़ा हमलाBJP का झंडा उतारने वाले संजयन त्रिपाठी अब साइकिल पर सवार, समाजवादी पार्टी में हुए शामिलCM Yogi का बड़ा तोहफा: 4.60 लाख छात्रों के खाते में आई छात्रवृत्ति, आपके खाते में आई क्या? चेक करेंNoida: सुपरनोवा की 43वीं मंजिल से युवक ने लगाई छलांग, मौके पर दर्दनाक मौत, सोसाइटी में हड़कंपमुंबई प्रदर्शन के बाद CJP का दिल्ली कूच का ऐलान, अभिजीत दिपके ने कही ये बड़ी बातगठबंधन में फूट! रायबरेली से डरते थे राहुल गांधी! सपा नेता का बड़ा खुलासा, अखिलेश ने दी थी धमकी

सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 6:01 · नई दिल्ली संस्करण

अरावली मामले में सुप्रीम कोर्ट ने अपने ही फैसले पर रोक लगाई, केंद्र व संबंधित राज्याें काे नाेटिस

राष्ट्रीय सागर डेस्क1 मिनट का पठन
अरावली मामले में सुप्रीम कोर्ट ने अपने ही फैसले पर रोक लगाई, केंद्र व संबंधित राज्याें काे नाेटिस

नई दिल्ली। उच्चतम न्यायालय ने अरावली मामले में अपने ही फैसले पर रोक लगा दी है। चीफ जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने केंद्र सरकार और संबंधित राज्यों को नोटिस जारी किया है। मामले की अगली सुनवाई 21 जनवरी को होगी। अरावली पहाड़ियां दिल्ली से लेकर हरियाणा, राजस्थान और गुजरात तक में फैली हैं।तत्कालीन चीफ जस्टिस जस्टिस गवई की अध्यक्षता वाली पीठ ने अरावली की 100 मीटर वाली परिभाषा तय की थी। उस फैसले के खिलाफ देशव्यापी विरोध हुआ। उच्चतम न्यायालय ने विरोध प्रदर्शन के बाद इस मामले पर स्वत: संज्ञान लिया। न्यायालय ने कहा कि उच्चाधिकार विशेषज्ञ कमेटी का गठन होगा, जो मामले पर दोबारा विचार करेगी। इस मामले पर स्पष्टीकरण की जरुरत है।सुनवाई के दौरान केंद्र की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि इस आदेश के बाद केंद्र की भूमिका को लेकर काफी भ्रम है। इसे लेकर विशेषज्ञों की एक कमेटी बनाई गई थी। विशेषज्ञों को कमेटी को कोर्ट ने स्वीकार कर लिया था। तब चीफ जस्टिस ने कहा कि इसे लेकर स्वतंत्र विशेषज्ञों की राय जानना जरुरी है।

यह ख़बर दूसरों तक पहुँचाएँ

WhatsAppFacebookX

संबंधित ख़बरें