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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · रात 2:38 · नई दिल्ली संस्करण

सर्वोच्च न्यायालय ने सरकार के फैसले पर रोक लगाने से इंकार कर दिया है

राष्ट्रीय सागर डेस्क1 मिनट का पठन
सर्वोच्च न्यायालय ने सरकार के फैसले पर रोक लगाने से इंकार कर दिया है

सर्वोच्च न्यायालय ने चुनाव आयुक्त अधिनियम, 2023 के क्रियान्वयन पर रोक लगाने से इनकार कर दिया। नए कानून में प्रावधान है कि मुख्य निर्वाचन आयुक्त और अन्य निर्वाचन आयुक्त की नियुक्ति एक चयन समिति की सिफारिश पर राष्ट्रपति द्वारा की जाएगी। इस समिति में प्रधानमंत्री (अध्यक्ष), संसद में विपक्ष के नेता (सदस्य), प्रधानमंत्री द्वारा नामित केंद्रीय कैबिनेट मंत्री (सदस्य) होंगे। फिलहाल इस मामले में सर्वोच्च न्यायालय ने केंद्र से अप्रैल में जवाब मांगा है।

कांग्रेस नेता जया ठाकुर की याचिका पर सुनवाई जस्टिस संजीव खन्ना और न्यायमूर्ति दीपांकर दत्ता की पीठ ने नए कानून पर रोक लगाने की मांग वाली कांग्रेस नेता जया ठाकुर की याचिका पर सुनवाई की। याचिकाकर्ता की ओर से पेश हुए वरिष्ठ वकील विकास सिंह से याचिका की एक प्रति केंद्र सरकार के वकील को देने को कहा। क्या है नया कानून? दरअसल, मुख्य निर्वाचन आयुक्त और निर्वाचन आयुक्तों की नियुक्ति के लिए अधिकृत समिति में भारत के प्रधान न्यायाधीश (सीजेआई) को शामिल न किए जाने को लेकर राजनीतिक विवाद के बीच कोर्ट में कई याचिकाएं लगाई गई हैं।

सर्वोच्च न्यायालय ने एक ऐसी समिति द्वारा निर्वाचन आयुक्त और मुख्य निर्वाचन आयुक्तों की नियुक्ति से संबंधित नए कानून को लागू करने पर रोक लगाने से इनकार किया, जिसमें प्रधान न्यायाधीश को शामिल नहीं किया गया है।

हालांकि, कोर्ट ने नए कानून के खिलाफ दायर याचिकाओं पर सुनवाई के लिए सहमति जताई है और केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया है।

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