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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 4:47 · नई दिल्ली संस्करण

संकल्प, विचार और मन एक हों तो सफलता तय: पीएम मोदी

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
संकल्प, विचार और मन एक हों तो सफलता तय: पीएम मोदी

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर संस्कृत सुभाषित शेयर किया।

प्रधानमंत्री ने 'एक्स' पोस्ट में लिखा, "जब हमारे संकल्प, विचार और मन की भावनाएं एक होती हैं, तब हर कार्य सफल होता है। आइए, एकजुटता के साथ आगे बढ़ें और मिलकर भारतवर्ष के हर लक्ष्य को हासिल करें।"

पीएम ने संस्कृत श्लोक "समानो मन्त्रः समितिः समानी समानं मनः सह चित्तमेषाम्। समानं मन्त्रमभि मन्त्रये वः समानेन वो हविषा जुहोमि॥" भी साझा किया है।

जिसका हिंदी अर्थ है कि हमारे संकल्प समान हों, हमारी सभा एक हो और हमारे हृदय तथा विचारों में पूर्णत: समानता हो। इसी एकता के भाव से मैं आहुति अर्पित करता हूं, जिससे हम मिलकर कार्य करें और सफलता प्राप्त करें।"

बीते दिन सोमवार को प्रधानमंत्री ने 'एक्स' पोस्ट में लिखा था, "दुनिया की अलग-अलग संस्कृतियों का सम्मान करने से लोगों के बीच विश्वास और सहयोग की भावना बढ़ती है। इससे आपसी समझ और भाईचारा और मजबूत होता है।"

पीएम मोदी ने संस्कृत श्लोक, "देशाचारान् समयाञ्जातिधर्मान् बुभूषते यस्तु परावरज्ञः।

स तत्र तत्राधिगतः सदैव महाजनस्याधिपत्यं करोति॥" साझा किया था।

इस श्लोक का हिंदी अर्थ है कि विभिन्न संस्कृतियों, परंपराओं और सामाजिक नियमों को समझने वाले व्यक्ति में उचित-अनुचित का विवेक विकसित हो जाता है।

ऐसा व्यक्ति जहां भी जाता है, वहां सम्मान प्राप्त करता है और श्रेष्ठजनों के बीच अपना प्रभाव स्थापित करता है।

इससे पहले 26 जून को प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर सुभाषित शेयर किया था। उन्होंने संस्कृत श्लोक "सङ्गच्छध्वं संवदध्वं, सं वो मनांसि जानताम्। देवा भागं यथा पूर्वे, सञ्जानाना उपासते॥"

साझा किया था। इस श्लोक का हिंदी अर्थ है कि हम सब साथ मिलकर चलें, एक सुर में बोलें और हमारे मन व विचार एक हों। जिस प्रकार प्राचीनकाल में देवता एकमत होकर अपने कर्तव्यों का निर्वाह करते थे, ठीक उसी तरह हमें भी हमेशा एकता और सौहार्द के साथ कार्य करना चाहिए।

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