मुख्य सामग्री पर जाएँ
ब्रेकिंग
Rajasthan Panchayat Election 2026: पंचायत चुनाव का ऐलान, 4 चरणों में होगी वोटिंग, जानिए पूरा शेड्यूलमुंबई में CJP का प्रदर्शन पड़ा भारी! जेल भरो आंदोलन पर FIR, आयोजकों में हड़कंपज्ञानेश कुमार पर चले लोकतंत्र की हत्या का मुकदमा! प्रमोद तिवारी का बड़ा हमलाBJP का झंडा उतारने वाले संजयन त्रिपाठी अब साइकिल पर सवार, समाजवादी पार्टी में हुए शामिलCM Yogi का बड़ा तोहफा: 4.60 लाख छात्रों के खाते में आई छात्रवृत्ति, आपके खाते में आई क्या? चेक करेंNoida: सुपरनोवा की 43वीं मंजिल से युवक ने लगाई छलांग, मौके पर दर्दनाक मौत, सोसाइटी में हड़कंपमुंबई प्रदर्शन के बाद CJP का दिल्ली कूच का ऐलान, अभिजीत दिपके ने कही ये बड़ी बातगठबंधन में फूट! रायबरेली से डरते थे राहुल गांधी! सपा नेता का बड़ा खुलासा, अखिलेश ने दी थी धमकी

सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · रात 3:20 · नई दिल्ली संस्करण

रांची में छात्रों का शक्ति प्रदर्शन, विधानसभा घेराव को लेकर कंटीले तारों से किलेबंदी

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
रांची में छात्रों का शक्ति प्रदर्शन, विधानसभा घेराव को लेकर कंटीले तारों से किलेबंदी

रांची। झारखंड में जेपीएससी और जेएसएससी भर्ती परीक्षाओं में कथित धांधली को लेकर जारी छात्र आंदोलन अपने 17वें दिन सोमवार को निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया है। रविवार को राज्य सरकार के साथ तीसरे दौर की वार्ता बेनतीजा रहने के बाद राज्य के विभिन्न जिलों से हजारों की संख्या में पहुंचे छात्र झारखंड विधानसभा का घेराव करने के लिए रांची की सड़कों पर उतर आए हैं।

सुबह 10 बजे से जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम से शुरू होने वाले इस विशाल मार्च को लेकर पूरे शहर का माहौल तनावपूर्ण बना हुआ है। राज्यभर से बसों, ट्रेनों और निजी वाहनों के जरिए हजारों परीक्षार्थी रविवार सुबह से ही रांची पहुंचने लगे थे। सैकड़ों छात्रों ने जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम, अटल स्मृति वेंडर मार्केट और आसपास के परिसरों के बरामदों में खुले आसमान के नीचे रात गुजारी। सोमवार भोर होते ही बिरसा चौक और आसपास के इलाकों में तिरंगा और विरोध की तख्तियां लिए युवाओं का हुजूम जमा हो गया है।

आंदोलित छात्र जेपीएससी-जेएसएससी की सभी विवादित परीक्षाओं को रद्द करने और इनकी सीबीआई से जांच की मांग पर अड़े हुए हैं। विधानसभा घेराव को देखते हुए राजधानी में अभेद्य सुरक्षा व्यवस्था की गई है। विधानसभा परिसर के 750 मीटर के दायरे में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 (पूर्व में धारा 144) के तहत निषेधाज्ञा लागू कर दी गई है।

अरगोड़ा से लेकर विधानसभा मार्ग तक करीब 12 प्रमुख स्थानों पर भारी बैरिकेडिंग की गई है, जिनमें कई जगहों पर लोहे के तीखे कंटीले तार लपेटे गए हैं।

वार्ता की विफलता के बाद उभरे इस गतिरोध के बीच, रांची के एसएसपी राकेश रंजन ने अभ्यर्थियों से शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखने की अपील की है।

क्षेत्र में करीब 2,000 अतिरिक्त पुलिस बल, रैपिड एक्शन फोर्स, दंगा नियंत्रण वाहन और वाटर कैनन को तैनात किया गया है। यद्यपि सरकार ने पुलिस प्रशासन को अनावश्यक बल प्रयोग न करने और संयम बरतने की हिदायत दी है, फिर भी जमशेदपुर और हजारीबाग सहित अन्य पड़ोसी जिलों के संवेदनशील इलाकों में भी निषेधाज्ञा लागू कर दी गई है।

इधर, बैरिकेडिंग पर लगाए गए कंटीले तारों को लेकर राजनीति भी गरमा गई है।

राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा नेता चंपई सोरेन ने सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि यह कोई भारत की अंतरराष्ट्रीय सीमा नहीं है जहां कंटीले तार बिछाए जा रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि अपने हक की मांग कर रहे युवाओं पर इस तरह की बाड़ लगाना लोकतांत्रिक मर्यादाओं के खिलाफ है और यदि इसमें कोई अभ्यर्थी घायल होता है, तो उसकी सीधी जवाबदेही राज्य सरकार की होगी। फिलहाल, 17 दिनों से उबल रहा छात्र असंतोष अब राज्य के प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों के लिए सबसे बड़ी चुनौती बन चुका है।

यह ख़बर दूसरों तक पहुँचाएँ

WhatsAppFacebookX

संबंधित ख़बरें