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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · रात 2:37 · नई दिल्ली संस्करण

बलरामपुर में शिक्षक नहीं मिलने पर भड़के छात्र, मूरकौल स्कूल के बच्चों ने सड़क जाम कर किया विरोध

राष्ट्रीय सागर डेस्क3 मिनट का पठन
बलरामपुर में शिक्षक नहीं मिलने पर भड़के छात्र, मूरकौल स्कूल के बच्चों ने सड़क जाम कर किया विरोध

बलरामपुर।बलरामपुर जिले की शिक्षा व्यवस्था को लेकर विद्यार्थियों की नाराजगी अब खुलकर सामने आने लगी है। हायर सेकेंडरी स्कूल मूरकौल में शिक्षकों की कमी से परेशान छात्रों ने सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन किया। छात्रों का कहना है कि लंबे समय से स्कूल में पर्याप्त शिक्षक नहीं होने के कारण उनकी पढ़ाई प्रभावित हो रही है। कई बार समस्या से शिक्षा विभाग को अवगत कराने के बावजूद स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ।

प्रदर्शन के दौरान विद्यार्थियों ने जिला शिक्षा अधिकारी के खिलाफ नाराजगी जताई और जल्द से जल्द स्कूल में पर्याप्त शिक्षकों की व्यवस्था करने की मांग की। छात्रों का कहना है कि परीक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के समय विषयवार शिक्षक उपलब्ध नहीं होने से उन्हें पढ़ाई में परेशानी हो रही है। ऐसे में सबसे ज्यादा नुकसान विद्यार्थियों के भविष्य का हो रहा है।

छात्रों के मुताबिक स्कूल में शिक्षकों की कमी की समस्या नई नहीं है। स्कूल प्रबंधन की ओर से भी इस संबंध में शिक्षा विभाग को जानकारी दिए जाने की बात सामने आई है। इसके बावजूद रिक्त पदों या शिक्षक कमी को दूर करने के लिए अब तक प्रभावी व्यवस्था नहीं होने से विद्यार्थियों में असंतोष बढ़ता गया।

छात्रों का कहना है कि नियमित कक्षाएं संचालित नहीं होने से पाठ्यक्रम समय पर पूरा करना मुश्किल हो रहा है। कई विषयों की पढ़ाई प्रभावित होने के कारण उन्हें अपने स्तर पर तैयारी करनी पड़ रही है। विद्यार्थियों ने सवाल उठाया कि यदि स्कूल में शिक्षक ही उपलब्ध नहीं होंगे तो गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का लक्ष्य कैसे पूरा होगा।

मूरकौल स्कूल के विद्यार्थियों का सड़क पर उतरना शिक्षा विभाग के लिए गंभीर संकेत माना जा रहा है। छात्रों ने कहा कि वे पढ़ाई छोड़कर प्रदर्शन नहीं करना चाहते, लेकिन लगातार शिकायत के बावजूद समस्या का समाधान नहीं होने के कारण उन्हें यह कदम उठाना पड़ा।

प्रदर्शन कर रहे विद्यार्थियों ने शिक्षा विभाग से मांग की कि स्कूल की वास्तविक स्थिति का निरीक्षण कराया जाए और विषयवार शिक्षकों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। उनका कहना है कि समय रहते शिक्षकों की व्यवस्था नहीं हुई तो पढ़ाई का नुकसान और बढ़ सकता है।

बताया जा रहा है कि स्कूल के प्राचार्य की ओर से भी शिक्षकों की कमी और इससे प्रभावित हो रही शैक्षणिक व्यवस्था की जानकारी जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय को दी गई है। ऐसे में छात्रों और अभिभावकों का सवाल है कि जब स्कूल प्रबंधन पहले ही समस्या से विभाग को अवगत करा चुका था, तो अब तक स्थायी समाधान क्यों नहीं निकाला गया।

अब छात्रों के विरोध के बाद शिक्षा विभाग पर मूरकौल स्कूल की समस्या का जल्द समाधान करने का दबाव बढ़ गया है। विद्यार्थियों ने स्पष्ट किया है कि यदि शिक्षकों की कमी दूर नहीं हुई तो वे आगे भी आंदोलन का रास्ता अपना सकते हैं।

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