मुख्य सामग्री पर जाएँ
ब्रेकिंग
Rajasthan Panchayat Election 2026: पंचायत चुनाव का ऐलान, 4 चरणों में होगी वोटिंग, जानिए पूरा शेड्यूलमुंबई में CJP का प्रदर्शन पड़ा भारी! जेल भरो आंदोलन पर FIR, आयोजकों में हड़कंपज्ञानेश कुमार पर चले लोकतंत्र की हत्या का मुकदमा! प्रमोद तिवारी का बड़ा हमलाBJP का झंडा उतारने वाले संजयन त्रिपाठी अब साइकिल पर सवार, समाजवादी पार्टी में हुए शामिलCM Yogi का बड़ा तोहफा: 4.60 लाख छात्रों के खाते में आई छात्रवृत्ति, आपके खाते में आई क्या? चेक करेंNoida: सुपरनोवा की 43वीं मंजिल से युवक ने लगाई छलांग, मौके पर दर्दनाक मौत, सोसाइटी में हड़कंपमुंबई प्रदर्शन के बाद CJP का दिल्ली कूच का ऐलान, अभिजीत दिपके ने कही ये बड़ी बातगठबंधन में फूट! रायबरेली से डरते थे राहुल गांधी! सपा नेता का बड़ा खुलासा, अखिलेश ने दी थी धमकी

सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · रात 3:29 · नई दिल्ली संस्करण

बिहार में जमुई जिले का सोनो चुरहेत काजवे पुल क्षतिग्रस्त, 18 पंचायत का आवागमन बाधित

राष्ट्रीय सागर डेस्क1 मिनट का पठन
बिहार में जमुई जिले का सोनो चुरहेत काजवे पुल क्षतिग्रस्त, 18 पंचायत का आवागमन बाधित

पटना। बिहार के जमुई जिले में साेमवार काे मूसलाधार बारिश की वजह से सोनो प्रखंड में कोजवे पर बना सोनो चुरहट जाने वाले बेली पुल का एक पिलर सोमवार दोपहर पानी के तेज बहाव के कारण धंस गया, जिससे इस मार्ग से आवागमन करने वाले लाेगाें काे काफी परेशानी हाे रही है। पुल के धंसने से सोनो प्रखंड के 18 पंचायत का सोनो प्रखंड मुख्यालय से आवागमन बाधित हो गया है।बेली पुल पिछले साल ही नीतीश कुमार ने बनवाया था। जमुई में सोनो में बना ब्रिज पानी के बहाव में है। पुल का एक पाया धंस गया है। सीएम नीतीश ने डेढ़ महीने पहले इस पुल का निरीक्षण किया था। तब उन्होंने सोनो की जनता से समानांतर पुल बनाने का वादा किया था। पुल धंसने का कारण ग्रामीणों ने मानक के विपरीत बालू उठाव को मुख्य कारण मान रहे हैं।बेली पुल का उद्घाटन अक्टूबर 2023 को हुआ था जबकि सितंबर 2024 में ही टूट गया। बेली पुल से वाहन तो छोड़ दीजिए पैदल भी चलना बंद कर दिया गया जिससे लोगों को भारी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। दैनिक कार्य के लिए भी प्रखंड मुख्यालय आने वाले लोगों को बहुत मुश्किल होगी और कई किलोमीटर की दूरी घूमकर प्रखंड कार्यालय और स्वास्थ्य केंद्र आना पड़ेगा।लोगों का कहना है कि अगर समय रहते पुल को दुरुस्त नहीं किया गया और सरकार अगर नए पुलों का निर्माण नहीं करती है या कोई बीमार पड़ता है या प्रसव के लिए प्रसव पीड़िता को लेकर अस्पताल जाना होगा तो कई किलोमीटर अधिक सफर करना पड़ेगा और वह भी सड़क काफी जर्जर है।

यह ख़बर दूसरों तक पहुँचाएँ

WhatsAppFacebookX

संबंधित ख़बरें