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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · रात 3:21 · नई दिल्ली संस्करण

दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश पर सोनम वांगचुक को मेदांता अस्पताल किया गया शिफ्ट, अनशन जारी रखने का ऐलान

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश पर सोनम वांगचुक को मेदांता अस्पताल किया गया शिफ्ट, अनशन जारी रखने का ऐलान

नई दिल्ली। जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश के अनुपालन में मंगलवार शाम सफदरजंग अस्पताल से गुरुग्राम स्थित मेदांता अस्पताल में स्थानांतरित कर दिया गया। वांगचुक पिछले 24 दिनों से आमरण अनशन पर हैं।

सफदरजंग अस्पताल की ओर से जारी स्वास्थ्य बुलेटिन में बताया गया कि सोनम वांगचुक को मंगलवार शाम 6:40 बजे अस्पताल से छुट्टी देकर मेदांता अस्पताल के चिकित्सकों की टीम को आगे के इलाज के लिए सौंप दिया गया। अस्पताल ने बताया कि डिस्चार्ज के समय उनके सभी वाइटल पैरामीटर स्थिर थे। हालांकि, बुलेटिन में कहा गया कि उन्हें अब भी पैनसाइटोपीनिया की समस्या है और उनके रक्त में सीरम पोटैशियम का स्तर 3.4 एमईक्यूएल दर्ज किया गया है।

पैनसाइटोपीनिया ऐसी गंभीर चिकित्सीय स्थिति है, जिसमें अस्थि मज्जा (बोन मैरो) पर्याप्त मात्रा में लाल रक्त कोशिकाएं, श्वेत रक्त कोशिकाएं और प्लेटलेट्स नहीं बना पाती। इससे अत्यधिक कमजोरी, बार-बार संक्रमण और रक्तस्राव या आसानी से चोट लगने जैसी समस्याएं हो सकती हैं।

अस्पताल ने यह भी बताया कि इलाज की निरंतरता सुनिश्चित करने के लिए वांगचुक से संबंधित सभी मेडिकल रिकॉर्ड, जांच रिपोर्ट और उपचार संबंधी दस्तावेज मेदांता अस्पताल की चिकित्सकीय टीम को सौंप दिए गए हैं।

इससे पहले मंगलवार को दिल्ली हाईकोर्ट की मुख्य न्यायाधीश देवेंद्र कुमार उपाध्याय और न्यायमूर्ति तेजस करिया की खंडपीठ ने आदेश दिया था कि वांगचुक को उनकी पसंद के अस्पताल मेदांता में स्थानांतरित किया जाए।

अदालत ने कहा था कि मेदांता के डॉक्टर उनकी देखरेख करेंगे और सफदरजंग अस्पताल में हुए इलाज से संबंधित सभी रिकॉर्ड तत्काल मेदांता को उपलब्ध कराए जाएंगे। साथ ही, मेदांता के निदेशक की ओर से विशेषज्ञ डॉक्टरों का एक पैनल गठित किया जाएगा।

हाईकोर्ट ने एम्स, सफदरजंग अस्पताल और वांगचुक के निजी चिकित्सकों की मेडिकल रिपोर्ट और राय पर विचार करने के बाद कहा कि सभी विशेषज्ञ इस बात पर सहमत हैं कि उनकी स्वास्थ्य स्थिति को देखते हुए लगातार चिकित्सकीय निगरानी आवश्यक है।

इस बीच, हाईकोर्ट के आदेश के बाद मीडिया से बातचीत में सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि जे. अंगमो ने कहा कि वांगचुक ने अपना अनशन जारी रखने का फैसला किया है। उन्होंने कहा कि 'संसद चलो' मार्च के दौरान प्रदर्शनकारी छात्रों पर दिल्ली पुलिस की कथित बर्बर कार्रवाई के विरोध में उन्होंने यह निर्णय लिया है।

गीतांजलि ने कहा, "छात्रों के साथ जिस तरह की क्रूरता और निर्दयता बरती गई, उन्हें पीटा गया, लाठीचार्ज किया गया और आंसू गैस का इस्तेमाल किया गया, उसके विरोध में सोनम ने अपना अनशन जारी रखने का निर्णय लिया है। वह तब तक अनशन जारी रखेंगे, जब तक संसद छात्रों की मांगों पर संज्ञान लेकर उन्हें सुनने के लिए तैयार नहीं होती।"

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