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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · रात 3:23 · नई दिल्ली संस्करण

कोरबा में पेट्रोल-डीजल संकट गहराया, किसान व आमजन बेहाल

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
कोरबा में पेट्रोल-डीजल संकट गहराया, किसान व आमजन बेहाल

कोरबा। कोरबा नगर सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल) के पेट्रोल पंपों पर पिछले एक सप्ताह से पेट्रोल और डीजल की भारी किल्लत बनी हुई है। ईंधन की कमी के कारण आम नागरिकों, किसानों, ट्रांसपोर्टरों और स्कूल वाहन संचालकों को गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।स्थिति यह है कि आज सुबह 6 बजे से ही पेट्रोल पंपों पर वाहनों की लंबी कतारें लगनी शुरू हो गई है। कई स्थानों पर 2 से 3 किलोमीटर तक लाइनें देखी जा रही हैं। दिन के दौरान कई बार “स्टॉक समाप्त” का बोर्ड लगाकर पंपों को बंद करना पड़ रहा है, जिससे लोग बिना ईंधन लिए ही वापस लौटने को मजबूर हैं।इस किल्लत का सबसे ज्यादा असर किसानों पर पड़ रहा है। वर्तमान में रबी फसल की कटाई और मिंजाई का समय चल रहा है, लेकिन डीजल की अनुपलब्धता के कारण थ्रेसर और ट्रैक्टर बंद पड़े हैं। किसानों को फसल खराब होने की चिंता सताने लगी है। वहीं, एम्बुलेंस सेवाएं और स्कूल बसें भी ईंधन के लिए भटकती नजर आ रही हैं, जिससे आपातकालीन सेवाएं प्रभावित हो रही हैं।स्थानीय लोगों ने कुछ निजी विक्रेताओं पर कालाबाजारी का आरोप भी लगाया है। शिकायत है कि डीजल को 5 से 10 रुपये प्रति लीटर अधिक कीमत पर बेचा जा रहा है, जिससे आम उपभोक्ताओं की जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है।इस संबंध में स्थानीय नागरिक संघर्ष समिति ने प्रशासन और BPCL प्रबंधन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। समिति ने कहा है कि जल्द से जल्द टैंकर भेजकर सभी पेट्रोल पंपों पर पर्याप्त स्टॉक सुनिश्चित किया जाए। साथ ही, जिला प्रशासन से पूरे मामले की जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई करने की मांग की गई है।समिति ने सुझाव दिया है कि आपूर्ति सामान्य होने तक पेट्रोल पंपों पर टोकन सिस्टम लागू किया जाए, ताकि किसानों और आपातकालीन सेवाओं को प्राथमिकता मिल सके। इसके अलावा बीपीसीएल के स्थानीय अधिकारियों से प्रतिदिन स्टॉक की सार्वजनिक जानकारी जारी करने की भी मांग की गई है, ताकि अफवाहों और अफरा-तफरी पर रोक लगाई जा सके।स्थानीय नागरिक संघर्ष समिति ने चेतावनी दी है कि यदि अगले 48 घंटों में स्थिति सामान्य नहीं हुई, तो आंदोलन का रास्ता अपनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि जनता को राहत देना सरकार और तेल कंपनियों की प्राथमिक जिम्मेदारी है।

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