मुख्य सामग्री पर जाएँ
ब्रेकिंग
Rajasthan Panchayat Election 2026: पंचायत चुनाव का ऐलान, 4 चरणों में होगी वोटिंग, जानिए पूरा शेड्यूलमुंबई में CJP का प्रदर्शन पड़ा भारी! जेल भरो आंदोलन पर FIR, आयोजकों में हड़कंपज्ञानेश कुमार पर चले लोकतंत्र की हत्या का मुकदमा! प्रमोद तिवारी का बड़ा हमलाBJP का झंडा उतारने वाले संजयन त्रिपाठी अब साइकिल पर सवार, समाजवादी पार्टी में हुए शामिलCM Yogi का बड़ा तोहफा: 4.60 लाख छात्रों के खाते में आई छात्रवृत्ति, आपके खाते में आई क्या? चेक करेंNoida: सुपरनोवा की 43वीं मंजिल से युवक ने लगाई छलांग, मौके पर दर्दनाक मौत, सोसाइटी में हड़कंपमुंबई प्रदर्शन के बाद CJP का दिल्ली कूच का ऐलान, अभिजीत दिपके ने कही ये बड़ी बातगठबंधन में फूट! रायबरेली से डरते थे राहुल गांधी! सपा नेता का बड़ा खुलासा, अखिलेश ने दी थी धमकी

सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 5:28 · नई दिल्ली संस्करण

सुप्रीम कोर्ट में एसबीआई की याचिका खारिज, 12 मार्च तक चुनावी बांड की जानकारी देने का निर्देश

राष्ट्रीय सागर डेस्क3 मिनट का पठन
सुप्रीम कोर्ट में एसबीआई की याचिका खारिज, 12 मार्च तक चुनावी बांड की जानकारी देने का निर्देश

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट की पांच सदस्यीय संविधान बेंच ने सोमवार को इलेक्टोरल बांड के जरिये राजनीतिक पार्टियों को मिले चंदे की जानकारी देने की समय सीमा 30 जून तक बढ़ाने की मांग खारिज कर दी है। चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली बेंच ने भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) को चुनावी बांड की जानकारी कल यानि 12 मार्च तक दाखिल करने का आदेश दिया। साथ ही कोर्ट ने निर्वाचन आयोग को चुनावी बांड की जानकारी 15 मार्च तक अपनी वेबसाइट प्रकाशित करने का आदेश दिया।सुनवाई के दौरान स्टेट बैंक के वकील हरीश साल्वे ने दलील दी कि इलेक्टोरल बांड खरीदने की तारीख और खरीदने वाले का नाम एक साथ उपलब्ध नहीं है, उसे कोड किया गया है। इसलिए उसे डिकोड करने में समय लगेगा। इस पर चीफ जस्टिस ने कहा कि आपकी अर्जी में ही कहा गया है कि डोनर्स की जानकारी सील्ड कवर में संबंधित ब्रांच में रखी गई है, जिसे मुंबई मुख्यालय में भेज दिया गया है। जस्टिस संजीव खन्ना ने कहा कि केवल सील्ड कवर को खोलना है, दिक्कत कहां है ।कोर्ट ने पूछा कि 15 फरवरी को आदेश दिए जाने के बाद पिछले 26 दिन में स्टेट बैंक ने क्या किया। यह बात आपकी अर्जी में नहीं बताई गई है। सुप्रीम कोर्ट ने इस बात पर नाराजगी जताई कि यह याचिका बैंक के असिस्टेंट जनरल मैनेजर की तरफ से दायर हुई है। एसबीआई की गंभीरता इसी बात से जाहिर हो रही है कि एक असिस्टेंट जनरल मैनेजर सुप्रीम कोर्ट के आदेश में बदलाव की मांग कर रहा है। सुप्रीम कोर्ट ने स्टेट बैंक को चेतावनी दी कि अगर कोर्ट के आदेश का पालन नहीं होता है तो अवमानना की कार्रवाई के लिए तैयार रहिए।दरअसल, सुप्रीम कोर्ट ने 15 फरवरी को इलेक्टोरल बांड को असंवैधानिक करार देते हुए स्टेट बैंक ऑफ इंडिया को चुनावी बांड की जानकारी 6 मार्च तक चुनाव आयोग को देने का निर्देश दिया था। चुनाव आयोग को यह जानकारी 13 मार्च तक अपनी वेबसाइट पर प्रकाशित करनी थी। साथ ही कोर्ट ने राजनीतिक दलों को अभी तक कैश न होने वाले चुनावी बांड बैंक को वापस करने का भी निर्देश दिया था।इसी के बाद सुप्रीम कोर्ट की समय सीमा 6 मार्च से 48 घंटे पहले स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर सभी पार्टियों को इलेक्टोरल बांड के रूप में मिले चंदे की जानकारी देने की समय सीमा 30 जून तक बढ़ाने की मांग की थी। स्टेट बैंक ने कहा था कि 6 मार्च तक इलेक्टोरल बांड की जानकारी निर्वाचन आयोग को देने में कुछ व्यावहारिक दिक्कतें हैं। स्टेट बैंक ने कहा था कि नाम गुप्त रखने की वजह से नाम को डिकोड करना जटिल कार्य है। स्टेट बैंक ने कहा था कि इलेक्टोरल बांड का कोई केंद्रीय डाटाबेस इसलिए नहीं रखा गया था, ताकि इसकी जानकारी किसी को नहीं मिले।

यह ख़बर दूसरों तक पहुँचाएँ

WhatsAppFacebookX

संबंधित ख़बरें