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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · रात 2:38 · नई दिल्ली संस्करण

सर्वोच्च न्यायालय का आज का फ़ैसला सुर्ख़ियों में है

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
सर्वोच्च न्यायालय का आज का फ़ैसला सुर्ख़ियों में है

सर्वोच्च न्यायालय ने आज यानी 8 जनवरी को दिए अपने एक बड़े फैसले में गुजरात दंगों की पीड़िता बिलकिस बानो को बड़ी राहत दी है। सर्वोच्च न्यायालय ने बिलकिस बानो गैंगरेप के दोषियों को सजा में छूट देने वाले गुजरात सरकार के फैसले को रद्द कर दिया है।

सर्वोच्च न्यायालय का मानना ​​है कि दोषियों की सजा माफी का आदेश पारित करने के लिए गुजरात राज्य सक्षम नहीं है, बल्कि महाराष्ट्र सरकार सक्षम है। बता दें कि दोषियों को सजा मुंबई कोर्ट की ओर से दी गई थी। अदालत के साथ धोखाधड़ी हुई सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में ये भी कहा है कि कोर्ट का मानना ​​है कि 13 मई, 2022 का फैसला (जिसने गुजरात सरकार को दोषी को माफ करने पर विचार करने का निर्देश दिया था) अदालत के साथ धोखाधड़ी करके और भौतिक तथ्यों को छिपाकर प्राप्त किया गया था। सुप्रीम कोर्ट का कहना है कि दोषियों ने साफ हाथों से अदालत का दरवाजा नहीं खटखटाया था।

हम बता दें कि मुंबई की एक स्पेशल सीबीआई कोर्ट ने 21 जनवरी 2008 को सभी 11 दोषियों को बिलकिस बानो के गैंगरेप और परिवार के सात सदस्यों की हत्या के आरोप में उम्र कैद की सजा सुनाई थी। इस फैसले को बंबई हाई कोर्ट ने भी बरकरार रखा था। गौरतलब है कि गुजरात में 2002 के दंगों के दौरान बिलकिस बानो के साथ गैंगरेप किया गया था, उस वक्त वह 21 वर्ष की थीं और वह पांच महीने की गर्भवती थीं। परिवार के मारे गए सात सदस्यों में उनकी तीन साल की बेटी भी शामिल थी।

साल 2022 के अगस्त महीने में बिलकिस बानो गैंगरेप केस में उम्रकैद की सजा पाए सभी 11 दोषियों को गुजरात सरकार ने रिहा कर दिया था। सरकार के इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई थी। सजा माफी के लिए गुजरात सरकार सक्षम नहीं सुप्रीम कोर्ट ने पूरे मामले में सुनवाई करते हुए कहा है कि- कोर्ट का मानना ​​है कि राज्य, जहां किसी अपराधी पर मुकदमा चलाया जाता है और सजा सुनाई जाती है, वह दोषियों की माफी याचिका पर निर्णय लेने में सक्षम है।

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