एक युग का अंत: कोहली के बाद रोहित शर्मा ने भी टी-20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से लिया संन्यास

नई
दिल्ली,। रोहित शर्मा ने विराट कोहली के साथ मिलकर
बारबाडोस में दक्षिण अफ्रीका को रोमांचक फाइनल में हराकर विश्व कप जीतने के
बाद टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास ले लिया है। उन्होंने पुष्टि
की है कि वह वनडे और टेस्ट खेलना जारी रखेंगे।
रोहित ने
फाइनल के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, "यह मेरा आखिरी टी-20
अंतरराष्ट्रीय मैच भी था। इस प्रारूप को अलविदा कहने का इससे बेहतर समय
नहीं हो सकता। मैंने इसके हर पल का लुत्फ़ उठाया है। मैंने अपना भारतीय
करियर इसी प्रारूप में खेलते हुए शुरू किया था। मैं यही चाहता था, मैं कप
जीतना चाहता था। मैं यह बहुत चाहता था। शब्दों में बयां करना बहुत मुश्किल
है। यह मेरे लिए बहुत भावुक पल था। मैं अपने जीवन में इस खिताब के लिए बहुत
बेताब था। खुश हूं कि हमने आखिरकार यह मुकाम हासिल कर लिया।"
रोहित
ने इस प्रारूप से सबसे ज़्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी के रूप में संन्यास
लिया है। उन्होंने 159 मैचों में 4231 रन रन बनाए हैं, साथ ही टी20
अंतरराष्ट्रीय मैचों में सबसे ज़्यादा शतक (पांच) का रिकॉर्ड भी उनके नाम
है। उन्होंने दो टी20 विश्व कप खिताब जीते हैं: 2007 में खिलाड़ी के तौर पर
पहला खिताब और अब 2024 में कप्तान के तौर पर।
रोहित और कोहली का
टी20 प्रारूप से संन्यास लेना पूरी तरह से अप्रत्याशित नहीं था। दोनों
खिलाड़ियों ने 2022 टी20 विश्व कप सेमीफाइनल में भारत की हार के बाद कोई
टी20 मैच नहीं खेला था और इस साल जनवरी में ही 2024 टी20 विश्व कप पर ध्यान
केंद्रित करते हुए इस प्रारूप में खेलना शुरू किया।
रोहित ने
टूर्नामेंट में दूसरे सबसे ज़्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी के रूप में अपना
प्रदर्शन जारी रखा उन्होंने, टूर्नामेंट में 156.70 की स्ट्राइक रेट से 257
रन बनाए वो भी अमेरिका और वेस्टइंडीज़ में मुश्किल बल्लेबाज़ी
परिस्थितियों में। उन्होंने अपने आक्रामक दृष्टिकोण से भारत को तेज़ शुरुआत
देने की ज़िम्मेदारी ली और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ अपने आखिरी सुपर आठ गेम
और इंग्लैंड के खिलाफ सेमीफाइनल में महत्वपूर्ण मैच जीतने वाले अर्धशतक
बनाए।





