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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · रात 3:17 · नई दिल्ली संस्करण

Ujjain Shahi Masjid Case: इंदौर हाईकोर्ट से मस्जिद कमेटी को बड़ा झटका, सड़क चौड़ीकरण का रास्ता साफ, 2000 पुलिस तैनात

राष्ट्रीय सागर डेस्क3 मिनट का पठन
Ujjain Shahi Masjid Case: इंदौर हाईकोर्ट से मस्जिद कमेटी को बड़ा झटका, सड़क चौड़ीकरण का रास्ता साफ, 2000 पुलिस तैनात

उज्जैन में सिंहस्थ 2028 की तैयारी के बीच शाही मस्जिद विवाद पर इंदौर हाईकोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। गोपाल मंदिर से कंठाल चौराहे तक 15 मीटर सड़क चौड़ीकरण की जद में आ रही छत्री चौक की शाही मस्जिद को हटाने के खिलाफ दायर याचिकाओं को हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया है। इसके बाद नगर निगम के लिए सड़क चौड़ीकरण का रास्ता साफ हो गया है। मामला उज्जैन की 600 साल पुरानी बताई जा रही शाही मस्जिद का है। कुछ दस्तावेजों में इसे 100 साल से ज्यादा पुराना बताया गया है, तो मस्जिद कमेटी का दावा है कि ये 1390 की है।

प्रशासन का कहना है कि सिंहस्थ में करोड़ों श्रद्धालु आएंगे, भीड़ और ट्रैफिक मैनेजमेंट के लिए गोपाल मंदिर मार्ग को चौड़ा करना जरूरी है। इस प्रोजेक्ट में मस्जिद का करीब 11 फीट का अग्रभाग बाधा बन रहा है। कुछ रिपोर्ट्स में 9 फीट लंबा और 4 फीट चौड़ा हिस्सा बताया गया है। नगर निगम ने नोटिस देकर मस्जिद के प्रभावित हिस्से को हटाने की तैयारी शुरू की थी। इसके खिलाफ मस्जिद प्रबंधन समिति और नागरिक अधिकार संगठनों ने इंदौर हाईकोर्ट में दो अलग-अलग याचिकाएं दायर की थीं। 9-10 सितंबर को जस्टिस संदीप एन. भट्ट की एकलपीठ ने दोनों याचिकाओं को खारिज कर दिया।

कोर्ट ने कहा कि नगर निगम वैधानिक नियमों के तहत जनहित, यातायात सुगमता और सार्वजनिक सुरक्षा के लिए सिंहस्थ के मद्देनजर ये काम कर रहा है। कोर्ट ने ये भी नोट किया कि उज्जैन विकास योजना 2035 के तहत पहले ही 80 धार्मिक निर्माणों पर कार्रवाई हो चुकी है, जिनमें मंदिर भी शामिल हैं। हाईकोर्ट से झटका लगने के बाद मस्जिद पक्ष ने डिवीजन बेंच में अपील की है, जिस पर 28 सितंबर को सुनवाई होनी है। याचिकाकर्ताओं के वकील सैय्यद अशहर अली वारसी ने कहा है कि विस्तृत आदेश आते ही सुप्रीम कोर्ट तक जाएंगे। उन्होंने 1925 में सिंधिया राजघराने और ग्वालियर सरकार द्वारा शहर काजी को जारी पत्र का हवाला दिया है, जिसमें मस्जिद के शेष हिस्से को यथावत रखने का उल्लेख है।इधर जमीन पर हालात तनावपूर्ण हो गए।

रविवार रात जैसे ही नगर निगम की टीम जेसीबी और भारी पुलिस फोर्स के साथ कंठाल रोड पहुंची, अफवाह फैल गई कि मस्जिद पर बुलडोजर चलेगा। देखते ही देखते सैकड़ों लोग मस्जिद के चारों तरफ जमा हो गए, मानव श्रृंखला बना ली और बैरिकेड तोड़ने की कोशिश की। स्थिति संभालने के लिए 2000 से ज्यादा जवान, RAF और STF तैनात किए गए, पूरे इलाके में फ्लैग मार्च हुआ।रातभर चले हंगामे के बाद सुबह 5 बजे प्रशासन और शहर काजी खलीफुर्रहमान के बीच समझौता हुआ। तय हुआ कि प्रशासन सीधे बुलडोजर से तोड़फोड़ नहीं करेगा, बल्कि मुस्लिम समाज के लोग खुद तकनीकी विशेषज्ञों की देखरेख में 11 फीट के बाधक हिस्से को व्यवस्थित तरीके से पीछे शिफ्ट करेंगे, ताकि मुख्य गुंबद वाली संरचना सुरक्षित रहे।

सोमवार सुबह भीड़ शांत हुई लेकिन फिर कुछ लोगों ने पथराव किया, पुलिस को हल्का बल प्रयोग और आंसू गैस छोड़नी पड़ी।फिलहाल पुलिस ने 5 इन्फ्लुएंसर समेत 10 लोगों पर FIR की है। एसपी प्रदीप शर्मा ने कहा कि कमेटी से सहमति बन गई है और कमेटी खुद अतिक्रमण हटा रही है, लेकिन कुछ लोग अराजकता फैला रहे हैं। प्रशासन ने साफ किया है कि चौड़ीकरण का काम जारी रहेगा, हाईकोर्ट से हरी झंडी मिल चुकी है।

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