शासकीय भूमि में अतिक्रमण पर नजर रखने के साथ हटाने की कार्यवाही करेंः कलेक्टर
कोरबा । कलेक्टर अजीत वसंत ने मंगलवार को समय सीमा की बैठक में
जनहित के महत्वपूर्ण कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने जिले में मतदान कार्य
शांतिपूर्ण ढंग से कराने पर नोडल अधिकारियों सहित सभी को बधाई और
शुभकामनाएं देते हुए मतगणना के कार्यों को भी जिम्मेदारी सेे पूर्ण करने के
निर्देश दिए।
बैठक में कलेक्टर श्री वसंत ने टीएल के संबंधित
पत्र, विभागीय कार्यों के क्रियान्वयन और अन्य गतिविधियों पर चर्चा की और
सभी एसडीएम सहित अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे विभागीय कार्यों तथा
निर्माण कार्य की प्रगति की जानकारी फील्ड पर जाकर लें। कलेक्टर ने जिले
में शासकीय भूमि पर अतिक्रमण को रोकने के निर्देश देते हुए कहा कि ग्रामीण,
शहरी इलाकों में हाल ही में किये गये शासकीय भूमि पर अतिक्रमण को शीघ्र
हटाए। खेल मैदानों, स्कूलों के आसपास सहित महत्वपूर्ण स्थानों से अतिक्रमण
हटाया जाए। उन्होंने अतिक्रमण पर विशेष नजर रखते हुए कार्यवाही के निर्देश
दिए हैं। कलेक्टर ने सभी शासकीय विभागों को विभाग की रिक्त भूमि पर सूचना
बोर्ड लगाने के भी निर्देश दिए।
कलेक्टर ने स्वास्थ्य सेवाओं की
समीक्षा करते हुए प्रगति लाने के निर्देश दिए। उन्होंनेे छात्रावास,
आश्रमों के निरीक्षण के निर्देश दिए। कलेक्टर ने ईंट भट्ठों में संचालित
बालवाड़ी में, आंगनबाड़ी केंद्रों में समय पर भोजन सहित अन्य सामग्री का
वितरण करने के साथ ही निर्देशित किया कि आंगनबाड़ी केंद्रों में पर्याप्त
बच्चों की उपस्थिति होने के साथ समय पर केंद्र का संचालन तथा अन्य
गतिविधियां संचालित किया जाएं।
बैठक में कलेक्टर ने आंगनबाड़ी
केंद्र, स्कूलों में विद्युतीकरण, पहुँचमार्ग, विद्यृतविहीन गांवों में
विद्युतीकरण के सम्बंध में आवश्यक निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए।
उन्होंने राजस्व के लंबित प्रकरणों के निराकरण के निर्देश देते हुए कहा कि
सीमांकन के प्रकरणों का बारिश से पूर्व निराकृत किया जाए।
कलेक्टर
ने जिले में होने वाले राखड़ परिवहन पर नजर रखने और नियम विरुद्ध राखड़
परिवहन करने पर संबंधित वाहन पर कार्यवाही के निर्देश एसडीएम, पर्यावरण
अधिकारी, परिवहन अधिकारी को निर्देशित किया। कलेक्टर ने विभागों में
अनुकम्पा नियुक्ति, पेंशन के प्रकरणों पर कार्यवाही करने, निलम्बन के
मामलों पर जाँच कर बहाल कर संबंधित से कार्य लेने के निर्देश दिए। उन्होंने
डीएमएफ अन्तर्गत मांगी गई जानकारी प्रस्तुत करने, निरस्त किये गए कार्यों
और अप्रारम्भ कार्यों की राशि जमा करने के निर्देश दिए।
उन्होंने
कहा कि जिले में कोई भी भवनविहीन स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र न हो। इस संबंध
में जानकारी प्रस्तुत करने तथा आवश्यकतानुसार डीएमएफ अंतर्गत प्रशासकीय
स्वीकृति जारी करने के निर्देश भी दिए। कलेक्टर ने स्कूलों में रिक्त
शिक्षकों की जानकारी प्रस्तुत करने और अतिथि शिक्षक, अतिथि व्याख्याता के
पदों को भरने के संबंध में जिला शिक्षा अधिकारी को निर्देशित किया। कलेक्टर
ने उच्चतर विद्यालयों में विशिष्ट विषयों के पदों पर किसी शिक्षकों की कमी
नहीं रखने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने जिले में निवासरत विशेष पिछड़ी
जनजाति परिवार के शिक्षित बेरोजगारों को शिक्षा, स्वास्थ्य सहित अन्य
महत्वपूर्ण विभागों में रिक्त पदों पर रखने के निर्देश देते हुए आदिवासी
विभाग से समन्वय बनाकर पीवीटीजी को प्राथमिकता देने कहा। उन्होंने अनुसूचित
जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के सभी स्कूली विद्यार्थियों का
जाति प्रमाणपत्र बनाने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने लोक निर्माण
विभाग, जल संसाधन विभाग और राष्ट्रीय राजमार्ग सहित अन्य विभाग अंतर्गत
वर्ष 1990 के पश्चात् हुए भू-अर्जन के प्रकरणों का रिकॉर्ड दुरूस्त करने के
निर्देश देते हुए राजस्व विभाग को दस्तावेज उपलब्ध कराने के निर्देश दिए
ताकि अतिक्रमण पर कार्यवाही की जा सके।
कलेक्टर ने समय-सीमा के
लंबित प्रकरणों की समीक्षा की और आवश्यक निर्देश दिए। इस दौरान डीएफओ
कटघोरा कुमार निशांत, जिला पंचायत सीईओ संबित मिश्रा, निगम आयुक्त श्रीमती
प्रतिष्ठा ममगाई सहित सभी अधिकारी उपस्थित थे।





