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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · रात 3:16 · नई दिल्ली संस्करण

आचार संहिता उल्लंघन मामले में सीएम हेमंत सोरेन को हाईकोर्ट से राहत, 2014 की एफआईआर रद्द

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
आचार संहिता उल्लंघन मामले में सीएम हेमंत सोरेन को हाईकोर्ट से राहत, 2014 की एफआईआर रद्द

रांची। झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को झारखंड हाईकोर्ट से गुरुवार को बड़ी कानूनी मिली है। अदालत ने उनके खिलाफ वर्ष 2014 के विधानसभा चुनाव के दौरान दर्ज आचार संहिता उल्लंघन से जुड़े आपराधिक मामले की एफआईआर रद्द कर दी है। अदालत के इस आदेश के साथ ही इस मामले में उनके खिलाफ चल रही सभी न्यायिक कार्यवाहियां समाप्त हो गई हैं।

जस्टिस अनिल कुमार चौधरी की अदालत ने मामले से जुड़े सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद यह फैसला सुनाया। यह मामला वर्ष 2014 के झारखंड विधानसभा चुनाव के दौरान कथित तौर पर आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन के आरोप से जुड़ा था।

इसे लेकर सरायकेला-खरसावां जिले के आदित्यपुर थाना में कांड संख्या 418/2014 के तहत हेमंत सोरेन के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी। बाद में उन्होंने एफआईआर को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था और इसे कानूनन असंगत बताते हुए रद्द करने की मांग की थी।

मामला पिछले कई वर्षों से हाईकोर्ट में लंबित था।

सुनवाई के दौरान अदालत ने पहले ही निचली अदालत में चल रही कार्यवाही पर अंतरिम रोक लगा दी थी। इसके बाद मुख्य याचिका पर नियमित सुनवाई जारी रही। मुख्यमंत्री की ओर से दायर आपराधिक रिट याचिका को स्वीकार करते हुए अदालत ने को निरस्त करने का आदेश दिया।

अंतिम सुनवाई के दौरान अदालत ने राज्य सरकार और याचिकाकर्ता की ओर से प्रस्तुत दस्तावेजों, अभिलेखों और कानूनी पहलुओं का परीक्षण किया। सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत इस निष्कर्ष पर पहुंची कि मामले में मामले को बरकरार रखने का आधार नहीं बनता है। इसके बाद एफआईआर को निरस्त करने का आदेश दिया गया। मुख्यमंत्री की ओर से अधिवक्ता प्रदीप चंद्रा ने पक्ष रखा।

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