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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · रात 3:43 · नई दिल्ली संस्करण

नोएडा की Raphe mPhibr ने रचा इतिहास — भारत के रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की सबसे ऊँची उड़ान

राष्ट्रीय सागर डेस्क3 मिनट का पठन
नोएडा की Raphe mPhibr ने रचा इतिहास — भारत के रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की सबसे ऊँची उड़ान

"आत्मनिर्भर भारत की उड़ान: नोएडा की Raphe

mPhibr को मिली अब तक की सबसे बड़ी निजी फंडिंग"

भारत ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि अब वह न केवल

वैश्विक तकनीकी क्रांति का हिस्सा है, बल्कि

उसका नेतृत्व करने के लिए भी पूरी तरह तैयार है। नोएडा स्थित अत्याधुनिक रक्षा

स्टार्टअप Raphe mPhibr ने हाल ही में 100 मिलियन डॉलर (लगभग ₹830 करोड़) की

निजी निवेश राशि जुटाई है। यह भारत में किसी भी निजी विमान अथवा ड्रोन निर्माता को

अब तक प्राप्त सबसे

बड़ी फंडिंग है।

यह उपलब्धि न केवल इस कंपनी के लिए, बल्कि

पूरे भारत के रक्षा-एयरोस्पेस क्षेत्र के लिए एक ऐतिहासिक और प्रेरणादायक क्षण है।

निवेश से आगे बढ़ता आत्मनिर्भर भारत

इस फंडिंग के साथ Raphe mPhibr की

कुल पूंजी अब 145 मिलियन डॉलर हो गई है, जो यह दर्शाती है कि दुनिया भारत की

रक्षा-तकनीकी क्षमता पर आज पूर्ण विश्वास करने लगी है। यह सौदा सिर्फ पूंजी निवेश

नहीं, बल्कि आत्मनिर्भर भारत की उड़ान को ऊर्जा देने वाला निर्णायक क्षण है। इस निवेश का

मुख्य उपयोग उन्नत

सर्विलांस ड्रोन, लॉजिस्टिक UAVs और AI आधारित ड्रोन स्वॉर्म टेक्नोलॉजी (जैसे mR10) के अनुसंधान, डिजाइन और उत्पादन में किया जाएगा।

Raphe mPhibr का यह मिशन केवल रणनीतिक दृष्टिकोण से

नहीं, बल्कि तकनीकी, आर्थिक

और सामाजिक दृष्टिकोण से भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। भारत अब केवल रक्षा उत्पादों का

आयात करने वाला नहीं, बल्कि नवाचार और उत्पादन का वैश्विक केंद्र बनने की दिशा में अग्रसर है।

भारत में पहली बार एंड-टू-एंड एयरक्राफ्ट निर्माण

Raphe mPhibr की नोएडा स्थित इकाई भारत की पहली ऐसी

सुविधा है जहाँ डिजाइन

से लेकर उत्पादन तक की पूरी प्रक्रिया यानी

end-to-end सिस्टम एक ही छत के नीचे उपलब्ध है। इसमें धातु और कंपोजिट प्रोसेसिंग, इंजन

डिज़ाइन, इलेक्ट्रॉनिक सर्किट निर्माण, और एयरफ्रेम असेंबली जैसे सभी अत्याधुनिक चरण सम्मिलित हैं। यह

एक ऐसा परिवर्तन है जिसने भारत को रक्षा-तकनीक की दुनिया में आत्मनिर्भरता के

पायदान पर स्थापित कर दिया है।

सुरक्षा बलों को स्वदेशी ताकत की सौगात

Raphe mPhibr के mR10 ड्रोन

स्वॉर्म, mR20 लॉजिस्टिक UAV, X8 मैरीटाइम ड्रोन और Bharat Surveillance Systems जैसे उत्पाद पहले से ही भारतीय सेना, नौसेना

और वायुसेना के

लिए परीक्षण और कार्यान्वयन के चरण में हैं। इससे स्पष्ट होता है कि अब भारत की

सेनाओं को अत्याधुनिक और पूर्णतः स्वदेशी रक्षा उपकरण मिलने जा रहे हैं, जो भविष्य के युद्धों में निर्णायक भूमिका निभाएंगे।

यह केवल तकनीकी सशक्तिकरण नहीं है, बल्कि

यह राष्ट्र की सुरक्षा, रणनीति और सम्मान का सवाल है जिसमें अब भारत अपने दम पर खड़ा है।

वैश्विक साझेदारी, लेकिन भारतीय आत्मा

Raphe mPhibr ने Dassault Systèmes (फ्रांस), Hensoldt (जर्मनी),

Safran जैसे वैश्विक दिग्गजों के साथ तकनीकी

साझेदारी की है। यह साझेदारी भारत को वैश्विक मानकों पर प्रतिस्पर्धी बनाएगी।

लेकिन गौर करने योग्य बात यह है कि सभी उत्पादों का डिजाइन, प्रौद्योगिकी

नियंत्रण और उत्पादन भारत

में ही हो रहा है यानी यह सहयोग है, परंतु आधिपत्य

नहीं।

भारत अब केवल 'उपभोगकर्ता' नहीं,

सृजनकर्ता की भूमिका में है। यह परिवर्तन “मेक

इन इंडिया” को केवल नारे से नीति और फिर यथार्थ में

बदल देता है।

नए भारत की नई उड़ान

इस निवेश का प्रभाव सिर्फ तकनीकी सीमाओं तक सीमित नहीं है।

इससे लाखों युवाओं के लिए नई

नौकरियों, तकनीकी प्रशिक्षण, और स्टार्टअप

संस्कृति के विस्तार के

द्वार खुलेंगे। इससे रक्षा क्षेत्र में निजी कंपनियों को प्रतिस्पर्धा और नवाचार

के लिए प्रेरणा मिलेगी। भारत की विदेशी तकनीकों पर निर्भरता घटेगी और वैश्विक

रक्षा बाजार में भारत की प्रतिष्ठा

और शक्ति दोनों

का विस्तार होगा।

तकनीकी स्वराज की दिशा में भारत का निर्णायक कदम

Raphe mPhibr द्वारा प्राप्त यह निवेश एक स्पष्ट

संकेत है कि भारत का भविष्य अब केवल आशा पर नहीं, बल्कि एक ठोस विजन, नीति और कार्य संस्कृति पर आधारित है। यह उपलब्धि आत्मनिर्भर भारत, नवाचारशील भारत और सामर्थ्यवान भारत की ओर एक निर्णायक छलांग

है।

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