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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 5:34 · नई दिल्ली संस्करण

रांची : ईडी कार्यालय में मारपीट का विवाद गरमाया, भाजपा बोली- जांच एजेंसी की स्वतंत्रता पर हेमंत सरकार का अनैतिक हमला

राष्ट्रीय सागर डेस्क3 मिनट का पठन
रांची : ईडी कार्यालय में मारपीट का विवाद गरमाया, भाजपा बोली- जांच एजेंसी की स्वतंत्रता पर हेमंत सरकार का अनैतिक हमला

रांची। रांची में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) कार्यालय में मनी लॉन्ड्रिंग के एक आरोपी संतोष कुमार के साथ कथित रूप से मारपीट और जानलेवा हमले की घटना पर उठे विवाद ने तूल पकड़ लिया है। संतोष कुमार की ओर से एयरपोर्ट थाना में दर्ज प्राथमिकी की जांच के लिए झारखंड पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों की एक टीम भारी पुलिस बल के साथ एयरपोर्ट रोड स्थित ईडी के क्षेत्रीय कार्यालय पहुंची।

पुलिस की इस कार्रवाई को लेकर राजनीति गर्मा गई है। भारतीय जनता पार्टी ने इसे केंद्रीय जांच एजेंसी की स्वतंत्रता पर हमला करार दिया।

झारखंड के नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, ''रांची के एयरपोर्ट रोड स्थित ईडी के क्षेत्रीय कार्यालय को रांची पुलिस द्वारा घेरने की सूचना प्राप्त हो रही है। ईडी कार्यालय में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन एवं पुलिस-प्रशासन से जुड़े हजारों करोड़ रुपए के भ्रष्टाचार मामलों से संबंधित महत्वपूर्ण साक्ष्य मौजूद हैं। आशंका है कि पुलिस कार्रवाई की आड़ में इन अहम साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़ या उन्हें नष्ट करने का प्रयास किया जा सकता है।

''

मरांडी ने आगे लिखा, ''झारखंड में पहले भी ईडी के विरुद्ध झूठे मुकदमे दर्ज कराए गए हैं तथा झामुमो-कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा ईडी पर हमले की कोशिशें भी हो चुकी हैं। ऐसी घटनाएं जांच एजेंसियों के स्वतंत्र एवं निष्पक्ष कार्य में बाधा डालने का प्रयास हैं। हेमंत जी, कान खोलकर सुन लीजिए... झारखंड को बंगाल नहीं बनने देंगे।

आपको भ्रष्टाचार की सजा जरूर मिलेगी।''

झारखंड के नेता प्रतिपक्ष ने प्रधानमंत्री कार्यालय और केंद्रीय गृह मंत्रालय से मांग की है कि रांची स्थित ईडी कार्यालय पर केंद्रीय बलों की तैनाती कर सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।

भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने भी इसी तरह की आशंका जताते हुए कहा कि झारखंड सरकार पश्चिम बंगाल की तर्ज पर जांच एजेंसियों पर दबाव बना रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस कार्रवाई के बहाने ईडी कार्यालय को घेरा गया है, जिससे ईमानदार अधिकारियों को डराने और अहम साक्ष्यों से छेड़छाड़ की कोशिश हो सकती है।

झारखंड के पेयजल एवं स्वच्छता विभाग में 23 करोड़ रुपए के घोटाले के आरोपी क्लर्क संतोष कुमार ने एयरपोर्ट थाना में दर्ज एफआईआर में आरोप लगाया है कि 12 जनवरी 2026 को उन्हें हिनू स्थित ईडी कार्यालय में पूछताछ के लिए बुलाया गया था। शिकायत के अनुसार, दोपहर करीब 1.35 बजे जब वे ईडी के सहायक निदेशक (द्वितीय) प्रतीक के कक्ष में पहुंचे, तो वहां मौजूद अधिकारियों ने उन पर आरोप स्वीकार करने का दबाव बनाया।

संतोष कुमार का कहना है कि इनकार करने पर सहायक निदेशक प्रतीक और उनके सहायक शुभम ने उनके साथ गाली-गलौज की और मारपीट शुरू कर दी।

संतोष कुमार ने आरोप लगाया है कि मारपीट के दौरान उन पर जानलेवा हमला किया गया, जिससे उनका सिर फट गया और काफी खून बहने लगा। उन्होंने यह भी दावा किया कि अधिकारियों ने धमकी देते हुए कहा कि यदि वे मर भी जाते हैं तो किसी को फर्क नहीं पड़ेगा।

इसी शिकायत के आधार पर एयरपोर्ट थाना में मामला दर्ज किया गया, जिसके बाद जांच के सिलसिले में पुलिस टीम ईडी कार्यालय पहुंची। फिलहाल, पुलिस का कहना है कि वह प्राथमिकी के आधार पर कानूनी प्रक्रिया के तहत जांच कर रही है और सभी पहलुओं की निष्पक्षता से पड़ताल की जाएगी।

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