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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 6:09 · नई दिल्ली संस्करण

रायपुर : महिलाओं से अश्लील बातें करने के आरोप में शहर काजी को पद से हटाया गया

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
रायपुर : महिलाओं से अश्लील बातें करने के आरोप में शहर काजी को पद से हटाया गया

रायपुर। महिलाओं को देर रात फ़ोन पर लगाकर अश्लील बातें करने तथा उन पर अनुचित दबाब बनाने के आरोप में वक़्फ बोर्ड ने रायपुर के बैजनाथपारा स्थित मदरसा इस्लाहुल मुस्लेमीन यतीमखाना के शहर काजी आरिफ अली फारूकी को बर्खास्त कर दिया है।छत्तीसगढ़ वक़्फ बोर्ड के अध्यक्ष सलीम राज ने बताया है कि काजी पर महिलाओं को देर रात फोन कर अश्लील बातें करने, 'फ्रेंडशिप' के लिए दबाव बनाने और तलाक-हलाला जैसी बातें करने के आरोप लगे हैं।महिला के परिजनों द्वारा इसकी शिकायत वक़्फ बोर्ड को की गई थी। डॉ. सलीम राज ने इन कृत्यों को मुस्लिम समाज को शर्मसार करने वाला बताया और उलेमाओं के साथ मिलकर सर्वसम्मति से यह निर्णय लेने की पुष्टि की।उन्होंने बताया कि कई महिलाओं ने छत्तीसगढ़ राज्य वक्फ बोर्ड में शिकायत दर्ज कराई थी कि काजी उन्हें देर रात (करीब 1 बजे) फोन करके अश्लील बातें करते थे और उन पर 'दोस्ती' करने का दबाव बनाते थे। काजी महिलाओं को उनका तलाक करवाने का लालच देते थे और बाद में उन्हें 'हलाला' की प्रक्रिया में शामिल होने के लिए मजबूर करने की बातें करते थे। ऐसी हरकतों की शिकायत समाज प्रमुखों तक पहुंची। समाज और उलमा-ए-दीन ने इसे धर्म और पद की गरिमा के खिलाफ माना। मामले की गंभीरता को देखते हुए 31 मार्च 2026 को रायपुर के प्रमुख उलेमाओं और आइम्मा-ए-इक्राम की एक आपातकालीन बैठक बुलाई गई।बैठक में कारी इमरान, अब्दुल रज्जाक, जहीर रहबर, आबाद अली और अशरफ अली समेत समाज के कई दिग्गज शामिल हुए। शिकायत के तथ्यों पर चर्चा करके एक्शन लिया गया और आरिफ अली फारूकी को रायपुर शहर काजी के पद से बर्खास्त कर दिया गया। इस संबंध में वक़्फ बोर्ड ने गुरुवार देर शाम आदेश जारी कर दिया है। डॉ. सलीम राज के अनुसार, काजी के खिलाफ शिकायतों की जांच की गई थी और बोर्ड के पास उनके खिलाफ पुख्ता सबूत और अनुशंसाएं थीं, जिसके आधार पर यह कार्रवाई की गई।छत्तीसगढ़ वक़्फ बोर्ड के अध्यक्ष सलीम राज ने स्पष्ट किया कि शहर काजी का पद एक बहुत बड़ी धार्मिक जिम्मेदारी है। कुरान और आयतों की बात करने वाला व्यक्ति यदि ऐसी 'अश्लील हरकतें' करता है, तो उसे पद पर बने रहने का कोई अधिकार नहीं है। उन्होंने कहा की इस्लामिक मामलों में बोर्ड ज्यादा हस्तक्षेप नहीं करना चाहता, इसलिए शहर के प्रमुख मौलानाओं और इमामों के साथ बैठक कर जल्द ही किसी योग्य व्यक्ति को शहर काजी की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी।रायपुर के पूर्व शहर काजी आरिफ अली फारूकी की ओर से अभी तक इन गंभीर आरोपों पर कोई आधिकारिक सार्वजनिक बयान या सीधी प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। रायपुर शहर काजी आरिफ अली फारूकी के मामले में अभी तक पुलिस एफआईआर दर्ज होने की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

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