सुविधा एक्सप्रेस के नाम पर रेलवे द्वारा यात्रियों से खुली लूट!

आकाश श्रीवास्तव
भारतीय रेलवे द्वारा चलायी जा रही है सुविधा रेलगाड़ियों का किराया हवाई जहाज के बराबर जहां है वहीं सामान्य चलने वाली रेलगाड़ियों के किराए से लगभग तीन से चार गुना महंगा है। नीचे हमने आईआरसीटी की वेबसाइट से ली गयी स्क्रीन शॉट की कुछ तस्वीरें दी हैं जिससे सारा मामला अपने आप स्पष्ट हो जाता है। एक समय था रेलवे में जब किराया 10 रूपए भी बढ़ता था तो वे समाचार माध्यमों की सुर्खियां होती थीं और समाचार माध्यमों में उसकी चर्चाएं होती थीं। लेकिन अब यह सब खत्म हो चुका है। अब रेलवे ने कब कितना और कैसे किराया बढ़ाया किसी को कानों कान तक कोई खबर नहीं होती है। आम आदमी जब टिकट लेने जाता है तब उसे पता चलता है कि उसकी जेब ढीली हो गयी है।
फिलहाल भारतीय रेलवे त्यौहारों के मौसम और गर्मी के दिनों में विशेष रेलगाड़ियां चलाती हैं। जिसके माध्यम से आम रेल यात्रियों को झुनझना पकड़ाकर लूटा जाता है। बात सिर्फ यहां सुविधा रेलगाड़ियों की हो रही है इसी के जरिए रेलवे के पूरे मंसूबे को अच्छी तरह से समझा जा सकता है। खबर में लगायी गयी आईआरसीटी की स्क्रीन शॉट को ध्यान से देखिए खुद ब खुद सारी चीजें स्पष्ट हो जाएंगी।
हम बता दें कि भारतीय रेलवे ने 2014 में सबसे व्यस्त रेल मार्गों पर सुविधा एक्सप्रेस श्रृंखला की ट्रेनें शुरू की थी। इन ट्रेनों के लिए कन्फर्म और रिजर्वेशन अगेंस्ट कैंसिलेशन (आरएसी) टिकट जारी किए जाते हैं। आईआरसीटीसी द्वारा प्रस्तावित मानक किराए के बजाय गतिशील मूल्य निर्धारण के कारण सुविधा ट्रेनों के टिकट अधिक महंगे होते हैं।
गतिशील मूल्य निर्धारण एयरलाइन टिकट मूल्य निर्धारण के समान है जहां यात्रा की लागत मांग के अनुसार बदलती है। भारतीय रेलवे में मूल्य निर्धारण की इस प्रणाली का उपयोग करने वाली सुविधा एक्सप्रेस ट्रेनें अपनी तरह की पहली थीं। कन्फर्म और आरएसी यात्री आवास के अलावा, प्रतीक्षा सूची टिकट भी 14/01/2016 से बुक किए जा सकते हैं। सुविधा ट्रेनों के लिए अधिकतम अग्रिम आरक्षण अवधि 120 दिन है।
हम बता दें कि इन ट्रेनों पर कोई रियायत लागू नहीं होती। सभी यात्रियों से उनकी उम्र की परवाह किए बिना पूरा वयस्क किराया लिया जाता है। साथ ही इन ट्रेनों में मुफ्त पास/ मानार्थ पास/ वारंट/ रियायती वाउचर आदि की अनुमति नहीं होती है।कन्फर्म और आरएसी यात्रियों से डायनेमिक किराया लिया जाता है।
प्रतीक्षासूची वाले टिकट का शुल्क उस श्रेणी के लिए बुक किए गए अंतिम टिकट के मूल्य पर लिया जाता है। ई-टिकटिंग के अलावा, सुविधा ट्रेनों के टिकट पीआरएस काउंटरों के माध्यम से भी बुक किए जा सकते हैं। इसमें संशोधन/डुप्लीकेट टिकट/क्लस्टर बुकिंग/बीपीटी की अनुमति नहीं दी जाती है। इसमें केवल केवल सामान्य कोटा बुकिंग लागू होगी।
उन मजबूर रेलयात्रियों के लिए सुविधा एक्सप्रेस है जिन्हें आपात और अत्यंत आवश्यक होने पर इन तरह की रेलगाड़ियों का सहारा लेना पड़ता।और रेलवे उन मजबूर रेलयात्रियों का पूरा दोहन करने में कोई कसर नहीं छोड़ती है। इस पूरी खबर का आधार आईआरसीटी पर बेचे जा रहे रेल टिकट की हवाई यात्रा और अन्य साधारण रेल गाड़ियों की तुलनात्मक कीमतों के आधार पर लिखा गया है। सवाल यह भी है कि यदि पटना से मुंबई का किराया लगभग 10 हजार है तो आम रेल यात्रियों को सुविधा एक्सप्रेस रेल गाड़ियों में सुविधा मिल रही है या उन्हें लूटा जा रहा है।





