मुख्य सामग्री पर जाएँ
ब्रेकिंग
Rajasthan Panchayat Election 2026: पंचायत चुनाव का ऐलान, 4 चरणों में होगी वोटिंग, जानिए पूरा शेड्यूलमुंबई में CJP का प्रदर्शन पड़ा भारी! जेल भरो आंदोलन पर FIR, आयोजकों में हड़कंपज्ञानेश कुमार पर चले लोकतंत्र की हत्या का मुकदमा! प्रमोद तिवारी का बड़ा हमलाBJP का झंडा उतारने वाले संजयन त्रिपाठी अब साइकिल पर सवार, समाजवादी पार्टी में हुए शामिलCM Yogi का बड़ा तोहफा: 4.60 लाख छात्रों के खाते में आई छात्रवृत्ति, आपके खाते में आई क्या? चेक करेंNoida: सुपरनोवा की 43वीं मंजिल से युवक ने लगाई छलांग, मौके पर दर्दनाक मौत, सोसाइटी में हड़कंपमुंबई प्रदर्शन के बाद CJP का दिल्ली कूच का ऐलान, अभिजीत दिपके ने कही ये बड़ी बातगठबंधन में फूट! रायबरेली से डरते थे राहुल गांधी! सपा नेता का बड़ा खुलासा, अखिलेश ने दी थी धमकी

सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 5:20 · नई दिल्ली संस्करण

कोरबा में सामूहिक विवाह कार्यक्रम पर उठे सवाल, भीषण गर्मी में खुले आसमान के नीचे बैठाए गए 260 जोड़े

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
कोरबा में सामूहिक विवाह कार्यक्रम पर उठे सवाल, भीषण गर्मी में खुले आसमान के नीचे बैठाए गए 260 जोड़े

कोरबा। मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत आयोजित सामूहिक विवाह कार्यक्रम को लेकर कोरबा जिले में व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। गरीब परिवारों की बेटियों के सम्मान और सुरक्षा के उद्देश्य से चलाई जा रही इस योजना के तहत आयोजित कार्यक्रम में आज मंगलवार काे बड़ी संख्या में 260 जोड़ों को तेज धूप और गर्मी के बीच खुले मैदान में बैठाकर विवाह संपन्न कराए जाने का मामला सामने आया है। आयोजन की तस्वीरें और मौके पर मौजूद लोगों के अनुसार कार्यक्रम स्थल पर पर्याप्त छाया और कूलिंग व्यवस्था नहीं थी, जिससे दूल्हा-दुल्हन और परिजन असहज नजर आए।जानकारी के मुताबिक जिले में आयोजित सामूहिक विवाह समारोह में करीब 260 जोड़ों का विवाह कराया गया। कार्यक्रम दिन के समय खुले मैदान में आयोजित किया गया, जहां भीषण गर्मी और उमस के बीच जोड़ों को लंबे समय तक बैठना पड़ा। सामने आई तस्वीरों में कई दूल्हा-दुल्हन धूप में बैठे दिखाई दे रहे हैं। दुल्हनें भारी पारंपरिक परिधानों में और दूल्हे विवाह वस्त्रों में गर्मी से परेशान नजर आए।कार्यक्रम महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा आयोजित बताया जा रहा है। आयोजन स्थल पर मंच, बैनर और स्वागत की औपचारिक व्यवस्थाएं तो दिखाई दीं, लेकिन मौसम के अनुरूप टेंट, कूलर या पर्याप्त छाया की व्यवस्था सीमित बताई जा रही है। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि तेज धूप और गर्म जमीन के कारण कई जोड़े बार-बार असुविधा महसूस कर रहे थे, फिर भी कार्यक्रम निर्धारित क्रम में चलता रहा।इस घटना को लेकर स्थानीय स्तर पर सवाल उठ रहे हैं कि क्या आयोजन से पहले मौसम की स्थिति को ध्यान में रखकर तैयारी नहीं की गई थी। इतनी बड़ी संख्या में जोड़ों के विवाह कार्यक्रम के लिए पर्याप्त छाया और राहत की व्यवस्था क्यों नहीं की गई। लोगों का कहना है कि कल्याणकारी योजना के कार्यक्रम में शामिल हितग्राहियों की बुनियादी सुविधा और स्वास्थ्य सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।हालांकि इस संबंध में संबंधित विभागीय अधिकारियों की आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। मामला सामने आने के बाद अब यह देखना होगा कि प्रशासन इस पर क्या स्पष्टीकरण देता है और भविष्य के आयोजनों में व्यवस्थाओं को लेकर क्या सुधारात्मक कदम उठाए जाते हैं।

यह ख़बर दूसरों तक पहुँचाएँ

WhatsAppFacebookX

संबंधित ख़बरें