प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रोजगार मेला को संबोधित किया, 51 हजार युवाओं को नियुक्ति पत्र वितरित, बोले – “युवा शक्ति और लोकतंत्र, भारत की दो अनंत शक्तियां”

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रोजगार मेला को संबोधित किया, 51 हजार युवाओं को नियुक्ति पत्र वितरित, बोले – “युवा शक्ति और लोकतंत्र, भारत की दो अनंत शक्तियां”
नई दिल्ली, 12 जुलाई 2025 — प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज देशभर के विभिन्न सरकारी विभागों और संगठनों में नव नियुक्त युवाओं को रोजगार मेले के माध्यम से 51,000 से अधिक नियुक्ति पत्र वितरित किए। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से देश के 47 स्थानों से जुड़े इस मेगा इवेंट में प्रधानमंत्री ने युवाओं को उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएँ दीं और उन्हें "नागरिक पहले (Citizen First)" के सिद्धांत पर आधारित सार्वजनिक सेवा की भावना से कार्य करने का आह्वान किया।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत आज जिस दो अनंत शक्तियों पर गर्व करता है, वे हैं – जनसांख्यिकीय शक्ति (Demography) और लोकतांत्रिक संरचना (Democracy)। उन्होंने कहा कि दुनिया आज भारत की युवा जनसंख्या और लोकतांत्रिक मूल्यों की ताकत को स्वीकार कर रही है। “यह युवा शक्ति भारत की सबसे बड़ी पूंजी है, जिसे सरकार दीर्घकालिक समृद्धि के उत्प्रेरक में बदलने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है।”
प्रधानमंत्री ने अपनी हालिया पांच देशों की यात्रा का भी उल्लेख किया और बताया कि हर देश में भारतीय युवाओं की प्रतिभा और क्षमता की सराहना की गई। उन्होंने रक्षा, फार्मा, डिजिटल टेक्नोलॉजी, ऊर्जा और दुर्लभ खनिजों जैसे क्षेत्रों में हुए समझौतों को भारतीय युवाओं के लिए वैश्विक अवसरों के द्वार खोलने वाला बताया।
प्रधानमंत्री मोदी ने निजी क्षेत्र में रोजगार बढ़ाने के लिए हाल ही में स्वीकृत “Employment Linked Incentive Scheme” की भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत सरकार उन युवाओं को ₹15,000 की आर्थिक सहायता देगी, जिन्हें निजी क्षेत्र में पहली नौकरी मिलेगी। इस योजना के लिए सरकार ने करीब ₹1 लाख करोड़ का बजट निर्धारित किया है, जिससे 3.5 करोड़ से अधिक नए रोजगार सृजित होने की उम्मीद है।
प्रधानमंत्री ने मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को भारत की ताकत बताया और कहा कि इसी वर्ष के बजट में “Mission Manufacturing” की घोषणा की गई है, जिससे भारत को विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाने की दिशा में गति मिलेगी। उन्होंने बताया कि “Make in India” के तहत PLI योजना से अब तक 11 लाख से अधिक रोजगार पैदा हो चुके हैं। भारत में मोबाइल निर्माण क्षेत्र का उदाहरण देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, “11 साल पहले जहां केवल 2-4 मोबाइल निर्माण इकाइयां थीं, वहीं आज 300 से अधिक यूनिट्स कार्यरत हैं, जो लाखों युवाओं को रोजगार दे रही हैं।”
प्रधानमंत्री मोदी ने रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता का जिक्र करते हुए बताया कि भारत आज ₹1.25 लाख करोड़ से अधिक का रक्षा उत्पादन कर रहा है और विश्व का सबसे बड़ा लोकोमोटिव निर्माता बन चुका है। उन्होंने कहा कि ऑटोमोबाइल सेक्टर में पिछले 5 वर्षों में $40 अरब विदेशी निवेश आया है, जिससे नए कारखाने, रोजगार और रिकॉर्ड वाहन बिक्री हुई है।
रोजगार के संदर्भ में प्रधानमंत्री ने ILO (अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन) की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि बीते दशक में भारत की 90 करोड़ से अधिक जनता को सरकार की कल्याणकारी योजनाओं के दायरे में लाया गया है। ये योजनाएं केवल लाभ वितरण तक सीमित नहीं रहीं, बल्कि ग्रामीण भारत में बड़े पैमाने पर रोजगार भी सृजित हुआ है।
प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत अब तक 4 करोड़ पक्के घर बने हैं और 3 करोड़ निर्माणाधीन हैं। स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत बनाए गए 12 करोड़ शौचालयों ने निर्माण क्षेत्र के कारीगरों को रोज़गार दिया है। उज्ज्वला योजना के माध्यम से 10 करोड़ से अधिक गैस कनेक्शन दिए गए, जिससे बॉटलिंग और डिलीवरी नेटवर्क का विस्तार हुआ और हज़ारों नए रोजगार सृजित हुए।
पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि यह योजना न केवल लोगों के बिजली बिल घटा रही है, बल्कि सोलर टेक्नोलॉजी में इंजीनियरों, तकनीशियनों और उत्पादकों के लिए नए अवसर ला रही है। “नमो ड्रोन दीदी” योजना के अंतर्गत ग्रामीण महिलाओं को ड्रोन पायलट बनने का प्रशिक्षण देकर उन्हें सशक्त किया गया है।
प्रधानमंत्री ने यह भी बताया कि सरकार का लक्ष्य 3 करोड़ “लखपति दीदी” बनाना है, जिसमें अब तक 1.5 करोड़ महिलाएं यह उपलब्धि प्राप्त कर चुकी हैं। बैंक सखी, बीमा सखी, कृषि सखी और पशु सखी जैसी योजनाओं के माध्यम से महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने के अवसर मिले हैं।
PM SVANidhi योजना के अंतर्गत स्ट्रीट वेंडर्स और रेहड़ी-पटरी वालों को औपचारिक सहायता देकर मुख्यधारा की आर्थिक गतिविधियों से जोड़ा गया है। वहीं PM Vishwakarma Yojana के जरिए पारंपरिक कारीगरों और सेवा प्रदाताओं को प्रशिक्षण, टूल्स और ऋण प्रदान किया जा रहा है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि यह सभी योजनाएं इस बात का प्रमाण हैं कि बीते 10 वर्षों में 25 करोड़ लोग गरीबी से बाहर निकले हैं। उन्होंने कहा, “यदि रोजगार के अवसर न होते, तो यह परिवर्तन संभव न होता। यही कारण है कि आज विश्व बैंक जैसे वैश्विक संस्थान भारत की प्रशंसा कर रहे हैं और भारत को सर्वाधिक समानता वाले देशों में स्थान दे रहे हैं।”
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने भाषण के अंत में इसे “विकास का महायज्ञ” बताया और युवाओं से आह्वान किया कि वे इस मिशन को नई ऊर्जा और समर्पण के साथ आगे बढ़ाएँ। उन्होंने “नागरिक देवो भव:” के मंत्र के साथ नव-नियुक्त युवाओं को शुभकामनाएं दीं और उनके उज्ज्वल, सार्थक एवं राष्ट्रसेवी करियर की कामना की
प्रधानमंत्री की रोजगार सृजन के प्रति प्रतिबद्धता को ध्यान में रखते हुए देशभर में अब तक 10 लाख से अधिक नियुक्ति पत्र वितरित किए जा चुके हैं। इस 16वें रोजगार मेले के माध्यम से रेलवे, गृह मंत्रालय, डाक विभाग, स्वास्थ्य मंत्रालय, वित्तीय सेवाएं, श्रम एवं रोजगार मंत्रालय सहित विभिन्न विभागों में नियुक्तियां की जा रही हैं, जो युवाओं को सशक्त करने और राष्ट्र निर्माण में भागीदारी बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।





