प्रधानमंत्री मोदी का तमिलनाडु दौरा आज: 4800 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का उद्घाटन, चोल सम्राट राजेन्द्र को श्रद्धांजलि

प्रधानमंत्री मोदी का तमिलनाडु दौरा आज: 4800 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का उद्घाटन, चोल सम्राट राजेन्द्र को श्रद्धांजलि
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज, शनिवार 26 जुलाई 2025 को, ब्रिटेन और मालदीव की द्विपक्षीय और अंतरराष्ट्रीय यात्राओं से लौटते ही सीधे तमिलनाडु के तूतीकोरिन और तिरुचिरापल्ली जिलों के दौरे पर पहुंच रहे हैं। यह दौरा न केवल विकास परियोजनाओं की दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि भारतीय सांस्कृतिक विरासत को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान देने का भी प्रतीक बन गया है।
प्रधानमंत्री दोपहर तूतीकोरिन में आयोजित एक विशाल सार्वजनिक समारोह में लगभग ₹4800 करोड़ की 30 से अधिक विकास परियोजनाओं का उद्घाटन, शिलान्यास और राष्ट्र को समर्पण करेंगे। इन परियोजनाओं में बंदरगाह अवसंरचना, रक्षा और व्यापारिक गतिविधियों के लिए लॉजिस्टिक हब, ऊर्जा क्षेत्र की हरित पहलें, रेलवे और राजमार्ग नेटवर्क के विस्तार, तथा स्थानीय रोजगार और कौशल विकास से जुड़ी योजनाएं शामिल हैं। यह पहल तमिलनाडु के दक्षिणी तटीय क्षेत्र को आर्थिक रूप से सशक्त और रणनीतिक दृष्टिकोण से और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
इसके साथ ही प्रधानमंत्री मोदी रविवार 27 जुलाई को दोपहर 12 बजे तिरुचिरापल्ली जिले के गंगईकोंडा चोलपुरम में आयोजित एक ऐतिहासिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम में भाग लेंगे। यह आयोजन महान चोल सम्राट राजेंद्र चोल प्रथम की जयंती और आदि तिरुवथिरा उत्सव के उपलक्ष्य में किया जा रहा है। प्रधानमंत्री मोदी इस अवसर पर सम्राट की भव्य प्रतिमा को पुष्पांजलि अर्पित करेंगे और उनके द्वारा स्थापित शासन, कला, जल प्रबंधन, मंदिर वास्तुकला तथा समुद्री विजय अभियानों को भारत के सांस्कृतिक इतिहास में गौरवपूर्ण अध्याय के रूप में रेखांकित करेंगे।
प्रधानमंत्री कार्यालय द्वारा जारी वक्तव्य में कहा गया है कि यह दौरा केंद्र सरकार की ‘विकास और विरासत दोनों को सशक्त बनाने’ की नीति का सशक्त प्रतीक है। इससे एक ओर जहां देश को आधुनिक बुनियादी ढांचे की सौगात मिलेगी, वहीं दूसरी ओर दक्षिण भारत की सांस्कृतिक अस्मिता को राष्ट्रीय गौरव के रूप में उभारा जाएगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि प्रधानमंत्री का यह दौरा तमिलनाडु में राष्ट्रीय योजनाओं के क्रियान्वयन को गति देने के साथ-साथ आगामी राजनीतिक दृष्टिकोण से भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह राज्य की जनता को यह संदेश भी देता है कि केंद्र सरकार तमिलनाडु के विकास और सांस्कृतिक सम्मान को प्राथमिकता दे रही है।
प्रधानमंत्री मोदी के इस यात्रा कार्यक्रम को लेकर स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों ने व्यापक तैयारियां की हैं। चोलपुरम मंदिर परिसर को पारंपरिक साज-सज्जा से सजाया गया है, और हजारों श्रद्धालुओं एवं स्थानीय नागरिकों के शामिल होने की उम्मीद है।
इस दौरे के माध्यम से प्रधानमंत्री मोदी एक बार फिर यह दर्शाने जा रहे हैं कि भारत का भविष्य तभी उज्ज्वल होगा, जब उसकी प्राचीन विरासत और आधुनिक विकास दोनों समान रूप से सशक्त और संरक्षित हों।





