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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · रात 3:44 · नई दिल्ली संस्करण

मराठा मिलिट्री लैंडस्केप्स ऑफ इंडिया को यूनेस्को वर्ल्ड हेरिटेज सूची में स्थान मिलने पर प्रधानमंत्री मोदी ने व्यक्त की गर्व और खुशी

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
मराठा मिलिट्री लैंडस्केप्स ऑफ इंडिया को यूनेस्को वर्ल्ड हेरिटेज सूची में स्थान मिलने पर प्रधानमंत्री मोदी ने व्यक्त की गर्व और खुशी

मराठा मिलिट्री लैंडस्केप्स ऑफ इंडिया को यूनेस्को वर्ल्ड हेरिटेज सूची में स्थान मिलने पर प्रधानमंत्री मोदी ने व्यक्त की गर्व और खुशी

नई दिल्ली, 12 जुलाई 2025 — भारत के लिए एक गर्व का क्षण तब आया जब यूनेस्को ने ‘मराठा मिलिट्री लैंडस्केप्स ऑफ इंडिया’ को विश्व धरोहर सूची में शामिल किया। इस महत्वपूर्ण उपलब्धि पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गहरी प्रसन्नता व्यक्त करते हुए इसे पूरे देश के लिए गौरव का विषय बताया।

प्रधानमंत्री ने कहा कि यह धरोहर 12 ऐतिहासिक और भव्य किलों का समूह है, जिनमें से 11 महाराष्ट्र में और 1 तमिलनाडु में स्थित है। उन्होंने कहा कि जब हम मराठा साम्राज्य की बात करते हैं, तो हमारे मन में सुशासन, सैन्य शक्ति, सांस्कृतिक गौरव और सामाजिक कल्याण जैसे मूल्य उभर कर आते हैं। उन्होंने यह भी जोड़ा कि मराठा शासक आज भी हमें अन्याय के समक्ष झुकने से इनकार करने की प्रेरणा देते हैं।

प्रधानमंत्री ने नागरिकों से आग्रह किया कि वे इन किलों का भ्रमण करें और मराठा इतिहास की समृद्ध विरासत को जानें। उन्होंने विशेष रूप से रायगढ़ किले की अपनी 2014 की यात्रा को याद किया और छत्रपति शिवाजी महाराज को नमन करते हुए उस यात्रा की एक तस्वीर भी साझा की।

यूनेस्को के इस ऐतिहासिक निर्णय पर प्रतिक्रिया देते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “हर भारतीय इस मान्यता से गौरवान्वित है। ये 'मराठा मिलिट्री लैंडस्केप्स' न केवल स्थापत्य और रणनीतिक दृष्टिकोण से अद्वितीय हैं, बल्कि यह भारत के स्वाभिमान, पराक्रम और सांस्कृतिक चेतना के प्रतीक भी हैं।”

यह उपलब्धि न केवल भारत की ऐतिहासिक धरोहर को वैश्विक स्तर पर मान्यता दिलाने वाली है, बल्कि यह मराठा साम्राज्य के अमर योगदान को भी विश्व मंच पर सम्मान प्रदान करती है। प्रधानमंत्री ने देशवासियों से अपील की कि वे इन स्थलों की यात्रा कर इतिहास से जुड़ें और भावी पीढ़ियों को भी प्रेरित करें।

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