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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 5:21 · नई दिल्ली संस्करण

प्रधानमंत्री ने उत्तराखंड के मुखवा मंदिर में की पूजा-अर्चना, उच्च हिमालय क्षेत्र के ट्रैकिंग अभियानों को फ्लैग ऑफ कर रचा नया इतिहास

राष्ट्रीय सागर डेस्क3 मिनट का पठन
प्रधानमंत्री ने उत्तराखंड के मुखवा मंदिर में की पूजा-अर्चना, उच्च हिमालय क्षेत्र के ट्रैकिंग अभियानों को फ्लैग ऑफ कर रचा नया इतिहास

देहरादून। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने उत्तराखंड के अपने एक दिवसीय दौरे में आज गंगोत्री के शीतकालीन प्रवास मुखवा मंदिर में पूजा-अर्चना के साथ ही हर्षिल से उच्च हिमालय क्षेत्र के अनछुए ट्रैक नीलपानी-मुलुंगला, जनकताल, जादुंग, मोटर बाइक एवं एटीवी-आरटीवी ट्रैकिंग अभियानों को फ्लैग ऑफ कर नया इतिहास रचा है। पहली बार उत्तराखंड की शीतकालीन यात्रा को विश्वस्तर पर प्रोत्साहन मिला है। इस दौरान प्रधानमंत्री ने स्वयं सहायता महिला समूह की महिलाओं से लखपति दीदी योजना को लेकर बातचीत की। इस दौरान महिलाओं ने परंपरागत रासाैं तांदी का भी प्रदर्शन किया। मुखवा गांव से प्रधानमंत्री ने दूरबीन से हिमालय के दर्शन किए।प्रधानमंत्री के सुबह हर्षिल हेलीपैड पर पहुंचने पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्वागत किया। प्रधानमंत्री 9ः30 बजे उत्तरकाशी जिले के ग्राम मुखवा स्थित गंगा मंदिर पहुंचे। यहां उनका स्वस्ति वाचन और पुष्पहार पहनाकर स्वागत किया। प्रधानमंत्री ने 20 मिनट तक गंगा मंदिर में श्रीसूक्त से अभिषेक एवं पूजन के बाद गंगा लहरी के साथ पूजा-अर्चना की और आरती कर देश की सुख-समृद्धि की कामना की।पूजा अर्चना के बाद प्रधानमंत्री ने दूरबीन से हिमालय की हिमाच्छादित चोटियों के दर्शन किए। इसके बाद प्रधानमंत्री ने शीतकालीन पर्यटन व स्थानीय स्वयंसेवी संस्थाओं की प्रदर्शनी का अवलोकन किया। महिलाओं ने स्टॉल में स्थानीय उत्पादों को प्रदर्शित किया। प्रधानमंत्री ने उत्पादों के बारे में बातचीत करने के साथ ही उत्तराखंड सरकार की लखपति दीदी योजना से मिल रहे लाभ के बारे में भी महिलाओं से बातचीत की। मुखवा गंगा मंदिर में महिलाओं ने उत्तराखंड का पारंपरिक रासाैं नृत्य भी प्रधानमंत्री के समक्ष प्रस्तुत किया। प्रधानमंत्री ने लोककला की सराहना की।गंगा मंदिर में पूजा-अर्चना के बाद तय कार्यक्रम के अनुसार प्रधानमंत्री 10ः30 बजे हर्षिल पहुंचे। यहां प्रधानमंत्री ने उच्च हिमालय क्षेत्र के अनछुए ट्रेक नीलपानी-मुलुंगला, जनकताल, जादुंग, मोटर बाइक व एटीवी-आरटीवी ट्रैकिंग अभियानों को फ्लैग ऑफ किया। उच्च हिमालय क्षेत्र के इन ट्रैकिंग अभियानों की पहली बार शुरुआत कर प्रधानमंत्री ने उत्तराखंड के साहसिक खेलों को एक नई दिशा और संभावना दी है। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री धामी, केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग राज्यमंत्री अजय टम्टा, सांसद राजलक्ष्मी शाह, राज्य के पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज, गंगोत्री विधायक सुरेश चौहान, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेन्द्र भट्ट, श्रीपांच गंगोत्री मंदिर समिति के सचिव सुरेश सेमवाल आदि मौजूद रहे।सीमांत जिले उत्तरकाशी में भारत-चीन सीमा पर प्रधानमंत्री के दौरे को लेकर सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट मोड पर हैं। स्थानीय लोग ग्रामीण प्रधानमंत्री के दौरे को लेकर काफी उत्साहित दिखे। ग्रामीण सुबह से ही प्रधानमंत्री के जनसभा स्थल पर पहुंचने लगे थे। प्रधानमंत्री के मंच पर पहुंचते ही भारत माता की जय और मोदी, मोदी के नारे पूरी घाटी में गंजूते रहे।उत्तरकाशी के जाड़ जनजाति बाहुल्य डुंडा के लोगों ने प्रधानमंत्री के लिए स्थानीय पोषाक तैयार की थी। प्रधानमंत्री पट्टू कपड़े के कोट, पजामे व पहाड़ी टोपी में खूब सजे। स्थानीय लोगों की तर्ज पर ही प्रधानमंत्री की पोशाक लोगों के मन को छू गई और अपनेपन का अहसास दिला गई।---------

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