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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 6:26 · नई दिल्ली संस्करण

नक्सल मोर्चे के वीर सिपाहियों को 15 अगस्त को राष्ट्रपति का वीरता पदक

राष्ट्रीय सागर डेस्क1 मिनट का पठन
नक्सल मोर्चे के वीर सिपाहियों को 15 अगस्त को राष्ट्रपति का वीरता पदक

रायपुर ।स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राष्ट्रपति द्वारा छत्तीसगढ़ पुलिस के उन जांबाज सिपाहियों को वीरता पदक से सम्मानित किया जा रहा है, जिन्होंने नक्सल मोर्चे पर अदम्य साहस और बलिदान का परिचय दिया।

सुकमा जिले में 07 मई 2023 को थाना भेड़ी क्षेत्र के ग्राम डोरासेपुंग में पुलिस–नक्सली मुठभेड़ में 3 माओवादी मारे गए और हथियार बरामद हुए। इस बहादुरी के लिए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुनील शर्मा, उप निरीक्षक संदीप कुमार और आरक्षक मडकम पाणे को पदक मिलेगा। वहीं, 12 अगस्त 2020 को थाना चिंतलनार के ग्राम पुटुमपाड़–मेकलरजुड़ में 4 माओवादियों को ढेर करने पर आरक्षक मडकम हुस्मा, मडकम हुगा, वास्सु हुगा और सहायक आरक्षक रोशन गुट्टा को सम्मानित किया जाएगा। 25 फरवरी 2023 को थाना अरनपुर क्षेत्र में शहीद हुए सजनी रामूराम नाग, आरक्षक कुंगमा माडवी और आरक्षक वांगो भीमा को मरणोपरांत वीरता पदक प्रदान किया जाएगा।

दंतेवाड़ा जिले में 20 अप्रैल 2021 को थाना अरनपुर क्षेत्र में मुठभेड़ के दौरान 1 माओवादी मारे जाने पर प्रधान आरक्षक सूरज मरकाम और आरक्षक माडवी सन्नू को यह सम्मान मिलेगा। वहीं, 13 जनवरी 2021 को टेटेकटेंगु–माजुम में मुठभेड़ में 1 माओवादी को मार गिराने पर सीसी कोरौ सिंह और आरक्षक पुसुले देवायण को वीरता पदक से नवाज़ा जाएगा।

ये सभी वीर सपूत कठिन जंगल, ऊंची पहाड़ियों और गोलियों की बारिश के बीच डटे रहे। इनका साहस और समर्पण न केवल छत्तीसगढ़, बल्कि पूरे देश के लिए गर्व और प्रेरणा का स्रोत है।

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