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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 11:29 · नई दिल्ली संस्करण

पीएम मोदी बोले- पोखरण परीक्षण ने दुनिया को भारत की ताकत और संकल्प दिखाया

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
पीएम मोदी बोले- पोखरण परीक्षण ने दुनिया को भारत की ताकत और संकल्प दिखाया

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट करते हुए कहा, "1998 में इसी दिन भारत ने जो परमाणु परीक्षण किए थे, उनसे दुनिया को पता चला कि हमारे देश की इच्छाशक्ति कितनी अटल है! 11 मई के टेस्ट के बाद पूरी दुनिया का दबाव भारत पर था, लेकिन हमने दिखाया कि कोई भी ताकत भारत को झुका नहीं सकती।"

अपने संदेश में उन्होंने एक संस्कृत श्लोक भी साझा किया, "एवं परस्परापेक्षा शक्तिशक्तिमतोः स्थिता । न शिवेन विना शक्तिर्न शक्त्या विना शिवः।।"

इसका अर्थ समझाते हुए उन्होंने कहा कि शक्ति और सामर्थ्य एक-दूसरे के पूरक होते हैं। केवल क्षमता होना पर्याप्त नहीं, उसे कार्यरूप देने वाली शक्ति भी आवश्यक है; और शक्ति भी तभी सार्थक होती है जब उसके पीछे समर्थ आधार हो।

जैसे शिव और शक्ति का अस्तित्व परस्पर अविभाज्य माना गया है, वैसे ही सामर्थ्य और ऊर्जा के समन्वय से ही सृजन, प्रगति और सफलता संभव होती है।

गौरतलब है कि 13 मई 1998 का दिन भारत के इतिहास में बहुत अहम माना जाता है। इस दिन राजस्थान के पोखरण में 'ऑपरेशन शक्ति' के तहत भारत ने दो और सफल परमाणु परीक्षण किए, जिन्हें शक्ति-IV और शक्ति-V नाम दिया गया।

ये परीक्षण 11 मई 1998 को हुए पहले तीन परीक्षणों की शृंखला का ही आगे का हिस्सा थे।

इन परीक्षणों का उद्देश्य भारत की वैज्ञानिक और तकनीकी क्षमता को और मजबूत करना था। यह भी बताया गया कि ये सभी परीक्षण भूमिगत तरीके से किए गए और पूरी तरह नियंत्रित थे, जिससे किसी तरह की रेडियोएक्टिविटी बाहर नहीं फैली।

इन परीक्षणों से मिले आंकड़ों का इस्तेमाल कंप्यूटर सिमुलेशन और भविष्य की परमाणु तकनीक को बेहतर बनाने में किया गया।

इस पूरे अभियान का नेतृत्व तत्कालीन पीएम अटल बिहारी वाजपेयी और डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम ने किया था। इन सफल परीक्षणों के बाद भारत को दुनिया में एक परमाणु शक्ति संपन्न देश के रूप में पहचान मिली।

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