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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · रात 2:35 · नई दिल्ली संस्करण

शिक्षक दिवस पर प्रधानमंत्री की नई पहल: राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता शिक्षकों संग PM मोदी का अनुभव साझा

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
शिक्षक दिवस पर प्रधानमंत्री की नई पहल: राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता शिक्षकों संग PM मोदी का अनुभव साझा

शिक्षक दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को राष्ट्रीय पुरस्कार पाने वाले 48 स्कूल शिक्षकों से मुलाकात की। प्रधानमंत्री आवास पर आयोजित इस विशेष कार्यक्रम में पीएम मोदी ने शिक्षकों के साथ शिक्षा, बच्चों की बदलती आदतों, स्क्रीन टाइम, खेलकूद और स्कूलों में नियमों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की। इस दौरान प्रधानमंत्री ने शिक्षकों से सुझाव भी मांगे। बातचीत का वीडियो प्रधानमंत्री के सोशल मीडिया हैंडल पर साझा किया गया है।

शिक्षकों से बातचीत के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने अपनी पब्लिक स्पीकिंग स्किल्स को लेकर भी एक शिक्षिका से सुझाव मांगा।

उन्होंने कहा, अगर मैं आपके यहां विद्यार्थी होता और एक कुशल वक्ता बनना चाहता, तो आप मुझे क्या सुझाव देतीं? मुझे क्या करना चाहिए? इस पर शिक्षिका ने कहा कि सबसे पहले व्यक्ति में आत्मविश्वास होना चाहिए। उन्होंने कहा कि आत्मविश्वास लगातार और ज्यादा अभ्यास से आता है। शिक्षिका ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री का व्यक्तित्व देखकर वह खुद भी थोड़ी घबरा गई थीं। बच्चों में बढ़ते स्क्रीन टाइम पर प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि यह अब एक तरह की लत बनता जा रहा है। उन्होंने सुझाव दिया कि अगर कोई बच्चा वास्तविक खेलों में रुचि लेना शुरू कर दे तो उसे इस आदत से बाहर निकलने में मदद मिल सकती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यहां खेल से उनका मतलब वीडियो गेम नहीं, बल्कि मैदान में जाकर खेले जाने वाले वास्तविक खेलों से है।

ड्रेस कोड और स्कूल-कॉलेजों में लागू किए जाने वाले नियमों को लेकर भी प्रधानमंत्री ने शिक्षकों से चर्चा की। उन्होंने कहा कि बड़े शहरों या विश्वविद्यालयों में सामने आने वाले ऐसे मामलों में कई बार जागरूकता की कमी दिखाई देती है। कभी-कभी नियम बिना पर्याप्त स्पष्टीकरण के लागू कर दिए जाते हैं। पीएम मोदी ने कहा कि शिक्षकों को ऐसे फैसलों के प्रभाव और बच्चों के मन में पैदा होने वाली आशंकाओं के प्रति लगातार जागरूक रहना चाहिए। साथ ही यह भी देखना चाहिए कि किसी नियम या फैसले से बच्चों के व्यवहार में कोई बदलाव तो नहीं आ रहा।

एक शिक्षिका से बातचीत के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी में ब्रेस्ट कैंसर के प्रति चलाए गए जागरूकता अभियान का अनुभव भी साझा किया। उन्होंने कहा कि अब महिलाएं आगे आकर जांच कराने लगी हैं, जबकि पहले ऐसी स्थिति नहीं थी। प्रधानमंत्री मोदी ने एक ही दिन में सबसे अधिक लोगों की स्क्रीनिंग के विश्व रिकॉर्ड का भी उल्लेख किया। शिक्षकों से बातचीत के दौरान प्रधानमंत्री ने शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर उनके अनुभव सुने और बच्चों के सर्वांगीण विकास में शिक्षकों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया।

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