मुख्य सामग्री पर जाएँ
ब्रेकिंग
Rajasthan Panchayat Election 2026: पंचायत चुनाव का ऐलान, 4 चरणों में होगी वोटिंग, जानिए पूरा शेड्यूलमुंबई में CJP का प्रदर्शन पड़ा भारी! जेल भरो आंदोलन पर FIR, आयोजकों में हड़कंपज्ञानेश कुमार पर चले लोकतंत्र की हत्या का मुकदमा! प्रमोद तिवारी का बड़ा हमलाBJP का झंडा उतारने वाले संजयन त्रिपाठी अब साइकिल पर सवार, समाजवादी पार्टी में हुए शामिलCM Yogi का बड़ा तोहफा: 4.60 लाख छात्रों के खाते में आई छात्रवृत्ति, आपके खाते में आई क्या? चेक करेंNoida: सुपरनोवा की 43वीं मंजिल से युवक ने लगाई छलांग, मौके पर दर्दनाक मौत, सोसाइटी में हड़कंपमुंबई प्रदर्शन के बाद CJP का दिल्ली कूच का ऐलान, अभिजीत दिपके ने कही ये बड़ी बातगठबंधन में फूट! रायबरेली से डरते थे राहुल गांधी! सपा नेता का बड़ा खुलासा, अखिलेश ने दी थी धमकी

सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · रात 2:35 · नई दिल्ली संस्करण

19 जून को पीएम मोदी जारी करेंगे 2,400 करोड़ की प्रोत्साहन राशि

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
19 जून को पीएम मोदी जारी करेंगे 2,400 करोड़ की प्रोत्साहन राशि

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 19 जून (शुक्रवार) को आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना (पीएम-वीबीआरवाई) के तहत लगभग 2,400 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि जारी करेंगे। इसकी घोषणा बुधवार को प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) की ओर से की गई।

पीएमओ के अनुसार, योजना की शुरुआत के बाद से अब तक देशभर में लगभग 15 लाख रोजगार अवसरों के सृजन में सहायता मिली है। इस योजना का उद्देश्य कर्मचारियों और नियोक्ताओं दोनों को औपचारिक अर्थव्यवस्था से जोड़ने के लिए प्रोत्साहित करना है।

योजना के तहत पहली बार नौकरी पाने वाले कर्मचारियों को 15,000 रुपये तक की प्रोत्साहन राशि दी जाती है, जिससे उन्हें रोजगार की शुरुआत में आर्थिक सहायता मिल सके।

वहीं, अतिरिक्त रोजगार सृजित करने वाले नियोक्ताओं को प्रत्येक नए कर्मचारी पर प्रति माह 3,000 रुपये तक का प्रोत्साहन दिया जाता है, ताकि रोजगार सृजन को बढ़ावा मिल सके।

सरकार ने विनिर्माण (मैन्युफैक्चरिंग) क्षेत्र को आर्थिक विकास का प्रमुख आधार मानते हुए इस क्षेत्र के नियोक्ताओं को चार वर्षों तक प्रोत्साहन देने का प्रावधान किया है।

अन्य क्षेत्रों के नियोक्ताओं को दो वर्षों तक यह लाभ मिलेगा।

सरकार का कहना है कि यह योजना रोजगार आधारित विकास को बढ़ावा देने और आर्थिक प्रगति का लाभ युवाओं तक गुणवत्तापूर्ण औपचारिक रोजगार के रूप में पहुंचाने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

99,446 करोड़ रुपये के कुल परिव्यय वाली यह योजना अगस्त 2025 से लागू हुई थी।

इसका लक्ष्य दो वर्षों में 3.5 करोड़ से अधिक रोजगार अवसरों का सृजन करना है।

सरकार के अनुसार, योजना के कुल लक्षित लाभार्थियों में लगभग 1.92 करोड़ ऐसे युवा शामिल होंगे, जो पहली बार औपचारिक रूप से नौकरी करना शुरू करेंगे।

सरकार का मानना है कि यह योजना औपचारिक रोजगार के विस्तार, सामाजिक सुरक्षा कवरेज को मजबूत करने और श्रमिकों एवं नियोक्ताओं दोनों को सहयोग देकर विकसित भारत के लक्ष्य को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

यह ख़बर दूसरों तक पहुँचाएँ

WhatsAppFacebookX

संबंधित ख़बरें